Hanuman Chalisa

एनएचआरसी के कार्यवाहक अध्यक्ष बोले, कोरोनावायरस से निपटने में हुई चूक का विश्लेषण जरूरी

Webdunia
सोमवार, 31 मई 2021 (14:02 IST)
बलिया (उत्तरप्रदेश)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चन्द्र पंत ने देश में कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़े मामलों को लेकर आत्मविश्लेषण पर जोर देते हुए कहा है कि चूक कहां हुई, इस बारे में विचार करना होगा। उन्होंने देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी से तैयार रहना होगा।

ALSO READ: कोरोना से ठीक होने के बाद क्‍यों हो रहा ‘कोविडसोम्‍निया’, जानिए क्‍या है कारण और बचने के तरीके?
 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति पंत ने रविवार को युवा चेतना के तत्वावधान में 'कोरोना और भारत' विषय पर आयोजित वेबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज भारत कोविड-19 संक्रमण की भयावह स्थिति का सामना कर रहा है। इस संक्रमण के कारण विश्व में मृतकों की संख्या के हिसाब से हमारा देश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। 
 
उन्होंने देश में कोविड-19 के बढ़े मामलों को लेकर आत्मविश्लेषण पर जोर देते हुए कहा कि यह कड़वी सच्चाई है। गलती कहां पर हुई, इस बारे में हमें सोचना होगा। सरकार की कारगुजारियों पर चर्चा करने के बजाय हम सभी किस तरह से अपना योगदान दे सकते हैं, इस तरफ सभी को ध्यान केंद्रित करना होगा।
 
न्यायमूर्ति पंत ने कहा कि देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। किस तरह से आम लोगों का जीवन सुरक्षित हो, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। हम सभी को अपने अनुभव से सीखना होगा और अपनी ताकत को पहचानना होगा। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी से तैयार रहना होगा। आयोग ने पिछले डेढ़ साल में विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों को निषिद्ध क्षेत्र, सामुदायिक सहभागिता, जबाबदेही, सुविधाओं में बढ़ोतरी और दाह-संस्कार के संबंध में कई दिशा-निर्देश दिए हैं।
 
ओडिशा के ढेंकानाल सीट से बीजू जनता दल के पूर्व सांसद तथागत सतपथी ने वेबिनार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि देश ने कोरोनावायरस को पराजित कर दिया, यही उनसे गलती हुई। देश के लोगों को लगा कि जब प्रधानमंत्री बोल रहे हैं तो सही बात है। उसी समय जनता के मन से कोरोनावायरस के प्रति भय खत्म हो गया। 
 
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह वक्त आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है और सभी को मिलकर महामारी का मुकाबला करना होगा। वेबिनार का उद्घाटन करते हुए करपात्री आश्रम के प्रमुख संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि इस विपदा में सबको परस्पर सहयोग के भाव के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी नहीं रहनी चाहिए। महामारी से मुकाबला करने के लिए चिकित्सकीय परामर्श के साथ आत्मबल और संयम की भी जरूरत है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

भोजशाला कमाल मौला मस्जिद नहीं माता वाग्देवी मंदिर, हाईकोर्ट के फैसले की 8 बड़ी बातें

पेट्रोल-डीजल के बाद मोबाइल रिचार्ज भी हो सकता है महंगा, 5G टावरों की बढ़ी लागत से बढ़ी चिंता

720 साल बाद हाईकोर्ट का भोजशाला को हिंद मंदिर बताना सनातन की विजय, बोले गोपाल शर्मा, परिसर में कमाल मौला की मजार अवैध

दूध, सोना, पेट्रोल-डीजल के बाद अब किन चीजों पर लगेगा महंगाई का झटका, क्या कदम उठा रही है मोदी सरकार

UAE पर मोदी के दौरे से भारत को कैसे होगा फायदा? LPG संकट से भी मिलेगी राहत

सभी देखें

नवीनतम

CJI सूर्यकांत की बड़ी टिप्पणी, कुछ बेरोजगार युवा ‘कॉकरोच’ की तरह हैं, व्यवस्था पर हमला करते हैं

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में CBI का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर गिरफ्तार

भोजशाला कमाल मौला मस्जिद नहीं माता वाग्देवी मंदिर, हाईकोर्ट के फैसले की 8 बड़ी बातें

धार भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले से सीएम डॉ. मोहन यादव गदगद, कहा यह क्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का

आपके एक सही वोट से सुनिश्चित हुआ विकास, सुरक्षा और सम्मान : योगी आदित्यनाथ

अगला लेख