अब मात्र 20 मिनट में Corona संक्रमण के बारे में पता चल सकेगा

Webdunia
शुक्रवार, 14 अगस्त 2020 (15:43 IST)
मेलबोर्न (ऑस्ट्रेलिया)। वैज्ञानिकों ने कोरोनावारयस संक्रमण संबंधी जांच का एक ऐसा नया एवं किफायती तरीका विकसित किया है, जो कोविड-19 के लिए जिम्मेदार सार्स-सीओवी-2 वायरस की मौजूदगी के बारे में मात्र 20 मिनट में सटीक जानकारी दे सकता है।
ALSO READ: भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा का बड़ा बयान, कोरोना संक्रमण के मामले सीमित और नियंत्रण की सीमा में
'जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबॉयोलाजी' में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि एन1-स्टॉप-एलएएमपी नामक जांच कोविड-19 संक्रमण की शत-प्रतिशत सटीक जानकारी देती है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि यह जांच प्रणाली अत्यंत सटीक और आसान है। यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न में प्रोफेसर टिम स्टिनियर ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी को काबू करने की दौड़ में तेज एवं सटीक जांच परिणाम मिलना अहम है।
 
उन्होंने कहा कि हमने कोविड-19 का पता लगाने के लिए एक वैकल्पिक आणविक जांच प्रणाली विकसित की है जिसे ऐसे स्थानों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां मानक प्रयोगशाला जांच संभव नहीं है और तेज जांच परिणाम की आवश्यकता है।
 
उन्होंने कहा कि इस जांच प्रक्रिया के लिए केवल एक नली की आवश्यकता है और यह जांच मात्र एक चरण में हो जाती है जिसके कारण यह मौजूदा जांच प्रणालियों से अधिक सटीक एवं किफायती है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Chandrayaan-3 को लेकर ISRO का बड़ा खुलासा, क्या सच होगा आशियाने का सपना

Disha Salian Case से Maharashtra में सियासी भूचाल, अब नारायण राणे का बयान, उद्धव ठाकरे का 2 बार आया कॉल

Airlines ने लंदन हीथ्रो Airport पर फिर शुरू कीं उड़ानें, आग लगने से 18 घंटे बाधित था परिचालन

नागपुर हिंसा पर CM फडणवीस का नया बयान, दंगाइयों से होगी नुकसान की वसूली, नहीं चुकाने पर चलेगा बुलडोजर

Microsoft और Google को टक्कर देने की तैयारी में मोदी सरकार, बनाएगी Made in India वेब ब्राउजर

सभी देखें

नवीनतम

UP : मथुरा में महिला से दुष्‍कर्म, दोषी तांत्रिक को 10 साल की सजा

UP : नाबालिग छात्रा को अगवा कर किया दुष्कर्म, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

Farmers Protest : किसानों ने जलाए मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुतले, शंभू और खनौरी बॉर्डर से हटाए जाने का किया विरोध

LIVE : यशवंत वर्मा पर लगे आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन

Chandrayaan-3 को लेकर ISRO का बड़ा खुलासा, क्या सच होगा आशियाने का सपना

अगला लेख