Publish Date: Mon, 22 Mar 2021 (11:54 IST)
Updated Date: Mon, 22 Mar 2021 (12:07 IST)
नई दिल्ली। इतिहास में 22 मार्च की तारीख पर कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं, लेकिन 1 बरस पहले की एक घटना इनमें खास महत्व रखती है। 22 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था।
जनता कर्फ्यू से जुड़ी खबरें
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता से कोरोना से जंग लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए ताली और थाली बजाने की अपील की थी। कोई संदेह नहीं कि उस दिन लोगों में गजब की एकजुटता दिखाई दी थी। वहीं, कुछ दृश्य ऐसे भी थे, जो लापरवाही को भी उजागर कर रहे थे।
आज एक साल बाद देश में फिर कोरोना की स्थिति भयावह हो रही है। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 46,951 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1,16,46,081 हो गई है।
देश में इस साल सामने आए यह सर्वाधिक मामले हैं। आंकड़ों के मुताबिक देश में 130 दिन पहले, यानी 12 नंवबर को 24 घंटे में 47,905 नए मामले सामने आए थे। आंकड़ों के अनुसार, देश में 72 दिन बाद एक दिन में सबसे अधिक 212 लोगों की वायरस से मौत हुई और मृतक संख्या बढ़कर 1 लाख 59 हजार 967 हो गई है।
सोशल मीडिया पर लोग जनता कर्फ्यू की एनीवर्सरी मना रहे हैं। ट्विटर पर थाली बजाते हुए लोगों के वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। इनमें कई मजाकिया वीडियो भी हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोग में यह भय भी है कि कहीं सरकार फिर से लॉकडाउन लगाने जैसा कदम न उठा ले।
सोशल मीडिया पर लोग सरकार पर सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या चुनावी राज्यों में कोरोना का भय नहीं, जहां नेताओं की रैलियों में और सभाओं में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। चुनावी रैलियों में कोरोना के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैलियों में शामिल लोग ही मास्क नहीं लगा रहे हैं।
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Mon, 22 Mar 2021 (11:54 IST)
Updated Date: Mon, 22 Mar 2021 (12:07 IST)