Publish Date: Thu, 02 Apr 2020 (21:45 IST)
Updated Date: Thu, 02 Apr 2020 (21:55 IST)
-वेबदुनिया न्यूज डेस्क
कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण के बीच पुलिस एक अलग ही तरह की जंग लड़ रही है। अब तक घर से बाहर निकलने वालों की सुरक्षा का जिम्मा उठा रही पुलिस, अब उन्हीं लोगों को घर में रहने के लिए सख्ती से पेश आ रही है। कई बार तो स्थिति ऐसी भी होती है कि क्या करें और क्या न करें। स्थिति तब और विकट होती है, जब पास में होते हुए भी अपने बच्चों को गले नहीं लगा पाते।
कमोबेश यह स्थिति देश में हर पुलिसकर्मी की है। उन्हें अच्छे काम के सराहना मिलती है, तो आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ता है। इंदौर के राऊ पुलिस थाने के टीआई दिनेश वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लोग दवाइयों का पुराना पर्चा लेकर निकल आते हैं, ऐसे में यह तय करना मुश्किल होता है कि वे सही बोल रहे हैं या गलत। इनमें कुछ लोग सही भी होते हैं। झूठ बोलने वाले लोग हमें तो धोखा देते ही हैं, खुद को भी धोखा देते हैं।
उन्होंने बताया कि समाजसेवियों के माध्यम से हम 1000 पैकेट रोज गरीबों और मजदूरों को खाना बंटवा रहे हैं। बाहर से भटकते हुए आए 20-25 लोगों को भोजन, मास्क और सैनेटाइजर देकर आगरा के लिए रवाना किया। चूंकि हमारे थाने के अंतर्गत हाईवे भी आता है, अत: पुलिस वाहन में भी भोजन के पैकेट रखते हैं और मिलने पर जरूरतमंदों को देते हैं।
वर्मा कहते हैं कि ड्यूटी को लेकर हमें कोई दिक्कत नहीं है, न ही हमें कोरोना का डर है। अपने परिवार वालों से भी हमने कह रखा है कि घबराने की जरूरत नहीं है।
10 दिन बाद बदली यूनिफॉर्म : वर्मा कहते हैं कि 10 दिनों के बाद यूनिफॉर्म, टॉवल चेंज करने घर गया गेट के पास ही पूर्व से लगी टेबल कुर्सी पर बैठ गया बेटी आरना (7) और बेटा अदम्य (15) को दूर से ही देखा। पत्नी ने मनपसंद दाल-चावल खिलाया। भावुक पल था, बेटी गले लगना चाहती थी, लेकिन समझाने पर मान गई, लेकिन उसकी शर्त थी कि वह भाई के गले लगेगी और मैं उसे प्यार से दूर से बात करूंगा, जिससे उसे मेरे पास होने का अहसास हो।
वर्मा ने बताया कि सबने हिम्मत से काम लिया। बेटी ने खुद की बनाई पेंटिंग दिखाई, जो उसने मेरे कैनवास कलर से बनाई थी और बेटे ने बताया वो मम्मी से खाना बनाना सीख रहा है और दीवार पर पंच मारकर हाथों को मजबूत कर रहा है। मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस दोनों भाई-बहन कर रहे हैं। पत्नी को मेरी चिंता है, उसे दिलासा दी और 2 घंटे में वापस ड्यूटी पर आ गया। इसी इरादे के साथ कि हम लड़ेंगे और हम जीतेंगे।
चिंता न करें, दवाई हम पहुंचाएंगे : इसी की थाने एसआई अनिला पाराशर, जो कि सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़कर हिस्सा लेती हैं, ने बताया कि थाना राऊ क्षेत्र में निवासरत कोई भी व्यक्ति गोली-दवाई के लिए डॉ. की पर्ची के साथ उनसे संपर्क कर सकता है। पाराशर गर्भवती महिलाओं के लिए भी आगे बढ़कर मदद कर रही हैं। उनका कहना है कि जरूरतमंद लोग दवाई की पर्ची मेरे मोबाईल 7999658524 पर वाट्सप करें मैं दवाई उनके घर तक पहुंचा दूंगी।
महिला एसआई पाराशर ने बताया कि एक गर्भवती महिला को जब कोई भी अस्पताल भर्ती करने को तैयार नहीं था तब हमने प्रयास कर उसे राऊ सर्कल पर स्थित मीनेष अस्पताल में भर्ती करवाकर उसकी निशुल्क डिलेवरी करवाई। इसके अलावा एक अन्य महिला की भी जांच करवाई।