Publish Date: Sat, 02 Apr 2022 (12:55 IST)
Updated Date: Sat, 02 Apr 2022 (20:02 IST)
नई दिल्ली। कोरोना के तमाम वेरिएंट से अभी राहत मिली ही थी कि डब्लूएचओ ने फिर से चेतावनी जारी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नए दावे ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दावा किया है कि कोरोना का नया एक्सई (XE) वेरिएंट पैर पसार रहा है, जो ओमिक्रॉन के बीए.2 से करीब 10 गुना अधिक संक्रामक है।
मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अभी हाल ही में यह दावा किया है कि कोरोना का नया म्यूटेंट एक्सई ओमिक्रॉन के बीए.2 से करीब 10 गुना ज्यादा खतरनाक हो सकता है। कोरोना का एक्सई वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो सब लीनेज बीए.1 और बीए.2 का रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि जब तक इसके ट्रांसमिशन रेट और बीमारी के व्यवहार में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा जाता तब तक इसे ओमिक्रॉन वैरिएंट से ही जोड़कर देखा जाएगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई रिपोर्ट के मुताबिक, बीए.2 की तुलना में इसकी कम्यूनिटी ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत ज्यादा होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए आंकड़ों की आवश्यकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि बीए.2 सब-वेरिएंट अब दुनियाभर के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुका है, जिसके सीक्वेंस्ड मामलों की संख्या लगभग 86 फीसदी है। एक्सई स्ट्रेन का पहली बार यूके में 19 जनवरी को पता चला था और तब से 600 से ज्यादा एक्सई मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
हालांकि, ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (एचएसए) की मुख्य चिकित्सा सलाहकार सुजैन हॉपकिंस का कहना है कि अभी तक इसकी संक्रामकता, गंभीरता या उनके खिलाफ कोविड-19 टीकों की प्रभावशीलता के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।