Biodata Maker

Delta Plus वैरिएंट को लेकर आई यह चौंकाने वाली खबर

Webdunia
रविवार, 27 जून 2021 (17:33 IST)
नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) के अन्य स्वरूपों की तुलना में 'डेल्टा प्लस' स्वरूप का फेफड़ों के 
उत्तकों से ज्यादा जुड़ाव मिला है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि इससे गंभीर बीमारी होगी या यह ज्यादा संक्रामक है। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के कोविड-19 कार्य समूह (एनटीएजीआई) के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने यह बात कही।

कोरोनावायरस के नए स्वरूप डेल्टा प्लस की 11 जून को पहचान हुई। हाल में इसे ‘चिंताजनक स्वरूप’ के तौर पर वर्गीकरण किया गया। देश के 12 राज्यों में डेल्टा प्लस के अब तक 51 मामले आ चुके हैं। इस स्वरूप से संक्रमण के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र से आए हैं।

‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप के बारे में एनटीएजीआई के कोविड-19 कार्य समूह के प्रमुख ने कहा कि अन्य स्वरूपों की तुलना में फेफड़ों से इसका ज्यादा जुड़ाव है लेकिन स्पष्ट किया कि इसका यह मतलब नहीं है कि डेल्टा प्लस गंभीर बीमारी का कारक होगा या यह ज्यादा संक्रामक है।

अरोड़ा ने कहा कि अन्य स्वरूप की तुलना में डेल्टा प्लस की फेफड़ों के भीतर ज्यादा मौजूदगी मिली है लेकिन यह ज्यादा नुकसान पहुंचाता है इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है। इसका यह भी मतलब नहीं है कि इससे गंभीर बीमारी होगी या यह ज्यादा संक्रामक है।
ALSO READ: खुशखबर, Coronavirus के हर वैरिएंट का खात्मा करेगी यह वैक्सीन!
उन्होंने कहा कि कुछ और मामलों की पहचान के बाद डेल्टा प्लस के असर के बारे में तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी, लेकिन ऐसा लगता है कि टीके की एक या दोनों खुराक ले चुके लोगों में संक्रमण के मामूली लक्षण दिखते हैं। उन्होंने कहा कि हमें इसके प्रसार पर बहुत करीबी नजर रखनी होगी, ताकि हमें इससे फैलने वाले संक्रमण का पता चले।
ALSO READ: COVID-19 : लार के नमूने से हो सकेगी Coronavirus की जांच
अरोड़ा ने कहा कि डेल्टा प्लस स्वरूप के जितने मामलों की पहचान हुई है, उससे ज्यादा मामले हो सकते हैं क्योंकि ऐसे कई लोग हो सकते हैं जिनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं हो और वे संक्रमण का प्रसार कर रहे हों। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि जीनोम अनुक्रमण का काम तेज हुआ है और यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ALSO READ: भारतीय नहीं जा पाएंगे हज, Coronavirus के कारण UAE ने लगाया प्रतिबंध
राज्यों को पहले ही बता दिया गया है कि यह चिंताजनक स्वरूप है और इसके लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। इससे कई राज्यों ने पहले से ही उन जिलों के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं जहां वायरस की पहचान की गई है ताकि उनके प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। निश्चित रूप से इन जिलों में टीकाकरण बढ़ाना होगा।(भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

हवा में 'डेड' हो जाते दोनों इंजन! एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर में फिर मिली खराबी

चुनाव आयोग पर फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा, ऐसा अहंकारी CEC कभी नहीं देखा

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला- कहां गई 56 इंच की छाती? अब तो पूरी सरकार डरी हुई है

क्‍या UAE में बदलने वाली है सत्ता, राष्ट्रपति ने क्राउन प्रिंस को क्‍यों सौंपी 260 अरब डॉलर की संपत्ति?

मुख्‍यमंत्री योगी ने बताया, ऐसे कई गुना बढ़ जाएगी अन्नदाता की आय

सभी देखें

नवीनतम

LIVE: ट्रेड डील पर संसद मेें विपक्ष पर जेपी नड्‍डा का हमला, जानिए क्या कहा?

SIR पर दिल्ली में ममता बनर्जी की मोर्चेबंदी, CEC पर गंभीर आरोप, पश्चिम बंगाल में एक्शन में ED

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का बड़ा असर: क्या सस्ते होंगे विदेशी कृषि उत्पाद, किसानों पर पड़ेगा दबाव?

Weather Update : पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, शीतलहर और कोहरे का कहर, फिर कड़ाके की पड़ी ठंड

टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश बना बाघों का कब्रगाह, एक महीने में 9 बाघों की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

अगला लेख