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नए कोविड स्ट्रेन ने डराया, ब्रिटेन ने 6 दक्षिण अफ्रीकी देशों की उड़ान पर लगाया प्रतिबंध

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शुक्रवार, 26 नवंबर 2021 (08:36 IST)
लंदन। ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीकी देशों में कोरोनावायरस (कोविड-19) के नए स्ट्रेन के प्रसार को देखते हुए दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, लेसोथो, इस्वातिनी, जिम्बाब्वे और नामीबिया के लिए 28 नवंबर तक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
 
ब्रिटेन सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि शुक्रवार से दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, लेसोथो, इस्वातिनी, जिम्बाब्वे और नामीबिया को ब्रिटन की यात्रा लाल सूची में शामिल किया जाएगा। इन 6 देशों से सीधी उड़ानें शुक्रवार दोपहर से 28 नवंबर तब तक प्रतिबंधित रहेंगी।
 
शुक्रवार से गैर ब्रिटेन और आयरिश नागरिक जिन्होंने पिछले 10 दिनों में इन 6 अफ्रीकी देशों की यात्रा की है, के ब्रिटेन में प्रवेश की मनाही होगी। जबकि ब्रिटेन और आयरिश नागरिकों को 10 दिनों के लिए क्वारंटीन में रहना होगा।
 
उल्लेखनीय है कि इस सप्ताह की शुरुआत में ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने बोत्सवाना में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन पाए जाने को लेकर चेतावनी जारी की थी। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान ने बाद में 22 मामलों की पुष्टि भी की थी।
 
मोदी सरकार ने चेताया : भारत में भी मोदी सरकार ने गुरुवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने वाले या इन देशों के रास्ते आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग और जांच की जाए। इन देशों में कोरोनावायरस (Coronavirus) के गंभीर जनस्वास्थ्य प्रभावों वाले नए स्वरूप के सामने आने की सूचना है।
 
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका में कोरोना का एक नया वैरिएंट मिला है, जो दुनिया पर एक बार फिर से कहर बरपा सकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट फार कम्युनिकेबल डिजीज ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी है। वैज्ञानिक एक नए कोरोना स्वरूप के संभावित प्रभावों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। जीनोमिक सीक्वेंसिंग के बाद पता चला है कि वैरिएंट बी 1.1.529 के दुनियाभर में अब तक 22 मामले सामने आ चुके हैं।
 
लंदन के यूसीएल जेनेटिक्स इंस्टीट्यूट के निदेशक फ्रेंकोइस बॉलौक्स ने साइंस मीडिया सेंटर द्वारा प्रकाशित एक बयान में कहा कि बी.1.1529 नामक नए संस्करण में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में म्‍यूटेशन होते हैं। ये नया वैरिएंट उन लोगों को ज्‍यादा प्रभावित कर सकता है, जो पहले से ही एचआईवी/ एड्स जैसे किसी वायरस से जूझ रहे हों।
 
वायरोलॉजिस्ट ट्यूलियो डी ओलिवेरा ने कहा कि बी.1.1529 नामक नए संस्करण में बहुत अधिक संख्या में म्‍यूटेशन देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के यात्रियों के बीच बोत्सवाना और हांगकांग में भी इसका पता चला है। यह बहुत तेजी से फैल सकता है।
 

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