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Middle East Crisis: अमेरिका इजराइल ईरान युद्ध के बाद अब किन 2 देशों में भड़क सकता है संघर्ष?

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विश्व वर्तमान में दो बड़े सैन्य संघर्षों का गवाह बन रहा है। 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर एक लंबे युद्ध की शुरुआत की। इसी बीच, 7 अक्टूबर, 2023 को आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर भीषण हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 से अधिक को बंधक बना लिया गया। जवाब में इजरायल ने 'ऑपरेशन स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन' शुरू किया, जिससे गाजा में भीषण युद्ध छिड़ गया। हमास द्वारा शुरू किया गया यह संघर्ष अब केवल गाजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लेबनान और ईरान तक फैल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व के बदलते समीकरणों के कारण इस युद्ध की आग भविष्य में पाकिस्तान सहित पूरे एशिया को अपनी चपेट में ले सकती है।
 

इजराइल और पाकिस्तान:

इजरायल और पाकिस्तान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2018 में कहा था कि इजरायल पाकिस्तान का दुश्मन नहीं है और पाकिस्तान को भी दुश्मन की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, लेकिन हाल की परिस्थिति के चलते इजराइल अब कभी भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना मोर्चा खोल सकता है। सितंबर 2025 और उसके बाद के कुछ बयानों में नेतन्याहू ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा है। नेतन्याहू ने कहा कि जिस तरह अमेरिका ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ओसामा बिन लादेन को खत्म किया था, उसी तरह इजरायल भी अपने दुश्मनों को कहीं भी खोजने और खत्म करने का अधिकार रखता है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को शरण देने का परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
 
मार्च 2026 में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नेतन्याहू ने पाकिस्तान सहित कई इस्लामी देशों की "दोहरी नीति" की आलोचना की है। हालांकि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ईरान के हमलों की निंदा की है, लेकिन नेतन्याहू ने अक्सर यह संकेत दिया है कि पाकिस्तान जैसे देश इजरायल विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देते हैं। बेंजामिन नेतन्याहू का रुख पाकिस्तान के प्रति काफी सख्त रहा है। वे पाकिस्तान को भारत के साथ इजरायल की बढ़ती नजदीकियों के विरोधी और कट्टरपंथी विचारधारा के समर्थक के रूप में देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल का अगला निशाना पाकिस्तान रहेगा। 
 

अमेरिका और पाकिस्तान: 

18 मार्च 2026 को अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के सामने तुलसी गबार्ड ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक मार करने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ उन देशों की श्रेणी में रखा जो अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा हैं। 
 
तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया है और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद गबार्ड ने इसे "इस्लामी आतंकवादी हमला" करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन आतंकवादियों को खोजने और सजा दिलाने में भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादियों को शरण देना और उन्हें पालना बंद करना होगा।
 
तुलसी गबार्ड का मानना है कि पाकिस्तान की दोहरी नीति (आतंकवाद को समर्थन और परमाणु हथियारों का विस्तार) न केवल दक्षिण एशिया, बल्कि पूरी दुनिया और सीधे तौर पर अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। भविष्य में अमेरिका को इसके लिए कोई ठोस और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता होगी।
 

भारत और पाकिस्तान: 

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) और लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया था। हमले के ठीक 15 दिन बाद, 7 मई 2025 की रात को भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के समन्वय से) ने यह ऑपरेशन लॉन्च किया। भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें मुरिदके, कोटली, मुजफ्फराबाद और बहावलपुर जैसे स्थान शामिल थे। रतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई "सटीक, नपी-तुली और गैर-उत्तेजक" थी। इसमें केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया और नागरिक क्षेत्रों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबरें आईं। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, जिसे भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने विफल कर दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के 6 लड़ाकू विमान और 5 एयरबेस को तबाह कर दिया जिसके चलते पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया। अंततः 10 मई 2025 के आसपास दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए युद्धविराम पर सहमति बनी।
 

युद्ध के नए मोर्चे खुलने वाले संभावित क्षेत्र:

1. सऊदी अरब और ईरान
2. भारत और पाकिस्तान
3. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया
4. चीन और ताइवान

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