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Rajiv Gandhi: 21 मई: राजीव गांधी पुण्यतिथि पर जानें उनका जीवन और 4 प्रमुख योगदान

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भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पुण्‍यस्मरण दिवस पर उनका चित्र
21 May Rajiv Gandhi Memorial Day: 21 मई, 2026 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि है। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था और वे भारतीय राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता थे। वे भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने और उन्होंने देश के विकास, विज्ञान, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
 
वर्ष 1991 में आज ही के दिन तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान उनकी दुखद हत्या कर दी गई थी। उनकी याद में इस दिन को पूरे भारत में 'राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस' (National Anti-Terrorism Day) के रूप में मनाया जाता है। राजीव गांधी न केवल भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे, बल्कि एक ऐसे दूरदर्शी नेता भी थे जिन्होंने देश को 21वीं सदी के लिए तैयार करने की नींव रखी। 
 

आइए उनके जीवन और प्रमुख योगदानों पर एक नज़र डालते हैं:

 

1. आधुनिक भारत के डिजिटल स्वप्नद्रष्टा

राजीव गांधी को 'भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति का जनक' माना जाता है। उन्होंने समझा था कि तकनीक ही गरीबी दूर करने और विकास को गति देने का सबसे सशक्त माध्यम है।
 
कंप्यूटर क्रांति: उन्होंने भारत में कंप्यूटर के आयात और निर्माण को सुगम बनाया, जिसका विरोध उस समय बहुत हुआ, लेकिन आज भारत IT के क्षेत्र में विश्व गुरु है।
 
C-DOT की स्थापना: दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए उन्होंने 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स' (C-DOT) की स्थापना 1984 में सैम पित्रोदा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समर्थन में की थी। जिसे भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था।
 

2. युवाओं को राजनीतिक शक्ति

लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाया:
 
मतदान की आयु: 1989 में 61वें संविधान संशोधन के माध्यम से वोट डालने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई। उनका मानना था कि अगर युवा अपना भविष्य चुन सकते हैं, तो वे अपनी सरकार भी चुन सकते हैं।
 

3. शिक्षा और सामाजिक सुधार

नवोदय विद्यालय: ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए उन्होंने 'जवाहर नवोदय विद्यालयों' की शुरुआत की, जो आज भी बेहतरीन मुफ्त शिक्षा के केंद्र हैं।
 
नई शिक्षा नीति (1986): उन्होंने शिक्षा प्रणाली में आधुनिकीकरण और समानता लाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति पेश की।
 

4. पंचायती राज की नींव

हालांकि राजीव गांधी के निधन के बाद इसे संवैधानिक दर्जा मिला, लेकिन पंचायती राज और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने का खाका राजीव गांधी ने ही तैयार किया था। वह सत्ता के विकेंद्रीकरण (Decentralization) के प्रबल समर्थक थे।
 

राजीव गांधी: एक संक्षिप्त परिचय

जन्म- 20 अगस्त, 1944 (मुंबई)
माता-पिता: इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी
प्रधानमंत्री कार्यकाल- 1984 - 1989 (भारत के सबसे युवा PM - 40 वर्ष की आयु में)
शिक्षा- दून स्कूल, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज लंदन
पेशा (राजनीति से पहले)- इंडियन एयरलाइंस में कमर्शियल पायलट
पुरस्कार- भारत रत्न (मरणोपरांत, 1991 में)
 
'भारत एक प्राचीन देश है, लेकिन एक युवा राष्ट्र है... मैं युवा हूं और मेरा भी एक सपना है। मेरा सपना है भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और दुनिया के सभी देशों में प्रथम स्थान पर देखना।' — भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का यह प्रसिद्ध कथन है, जो 1985 में उन्होंने अमेरिका यात्रा के दौरान दिया था। 
 
राजीव गांधी को उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण, युवा नेतृत्व और प्रगति के लिए किए गए प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने संचार और सूचना तकनीक को बढ़ावा दिया और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद की। उनके निधन की सालगिरह पर लोग उन्हें सम्मानित करने और उनके योगदान को याद करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
 
आज राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर देश उन्हें न केवल एक राजनेता के रूप में, बल्कि उस 'आधुनिक भारत के शिल्पकार' के रूप में याद करता है जिसने विज्ञान और तकनीक के जरिए आम आदमी के जीवन को बदलने का प्रयास किया।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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