दशहरा विशेष : इस एक मंत्र से मिलता है पूरी रामायण का फल, जानिए कौन सा है वह दिव्य मंत्र

Webdunia
एक मंत्र मात्र में समाई है सम्पूर्ण रामायण...क्या आप जानते हैं कि दशहरे के शुभ दिन इस मंत्र को पढ़ने, सुनने और आदान प्रदान करने से ठीक वही पुण्य मिलता है जो पवित्र रामायण या रामचरित मानस के पाठ से मिलता है....
 
जानिए मंत्र 
 
आदौ राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।।
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।
 
श्रीराम वनवास गए... वहां स्वर्ण मृग का का वध किया। वैदेही यानी सीताजी का रावण ने हरण कर लिया, रावण के हाथों जटायु ने अपने प्राण गंवा दिए। श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता हुई। बालि का वध किया। समुद्र पार किया। लंकापुरी का दहन किया। इसके बाद रावण और कुंभकर्ण का वध किया। ये रामायण का सार है। इस मंत्र में पूरी रामायण के पाठ से मिलने वालीपुण्य शक्ति समाई है....
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

बुध का मकर राशि में गोचर, 3 राशियों को नौकरी और व्यापार में आएगी परेशानी

मोदी सहित बड़े राजनीतिज्ञों के भविष्य के बारे में क्या कहते हैं ज्योतिष?

कुंभ मेला 2025: महाकुंभ और युद्ध का क्या है संबंध?

मंगल करेंगे मिथुन राशि में प्रवेश, 5 राशियों को मिलेगी खुशखबरी

hindu nav varsh 2025: हिंदू नववर्ष कब होगा प्रारंभ, कौनसा ग्रह होगा राजा, जानिए इस दिन क्या करते हैं खास

सभी देखें

धर्म संसार

सूर्य का शनि की राशि मकर में गोचर, जानिए 12 राशियों का राशिफल

28 जनवरी 2025 : आपका जन्मदिन

28 जनवरी 2025, मंगलवार के शुभ मुहूर्त

नागा साधु क्यों करते हैं 17 श्रृंगार, जानिए क्या हैं उनके श्रृंगार और महत्व

जया और विजया एकादशी में क्या है अंतर?

अगला लेख