24 जून को योगिनी एकादशी, लक्ष्मी-नारायण और सर्वार्थसिद्धि योग में मां लक्ष्मी के साथ शुक्र ग्रह की पूजा भी करें

Webdunia
गुरुवार, 23 जून 2022 (14:13 IST)
Yogini Ekadashi 2022: 24 जून 2022 शुक्रवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि यानी योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन शुभ योग में मां लक्ष्मी की पूजा होगी और शुक्र ग्रह की पूजा भी की जाएगी। आओ जानते हैं इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी।
 
योगिनी एकादशी के शुभ मुहूर्त (Yogini Ekadashi Shubha Muhurt) :
1. तिथि : एकादशी तिथि 23 जून को रात 9 बजकर 41 मिनट से प्रारंभ होगी जो 24 जून को रात 11 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। 
 
2. अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:33 से 12:28 तक।
 
3. विजय मुहूर्त : दोपहर 02:18 से 03:12 तक।
 
4. गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:38 से 07:02 तक।
 
5. सायाह्न संध्या मुहूर्त : शाम 06:52 से 07:54 तक।
ALSO READ: योगिनी एकादशी 2022: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व, कथा और मंत्र
महत्वपूर्ण योग : 
1. सवार्थ सिद्धी योग- प्रात: 05:09 से 08:04 तक रहेगा।  
 
2. लक्ष्मी-नारायण योग : वृषभ राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है।
 
3. सुकर्मा योग: इस दिन 29:12:55 तक सुकर्मा योग भी रहेगा।
योगिनी एकादशी श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी और शुक्रदेव की पूजा करें (Yogini Ekadashi Puja Vidhi):
 
* एकादशी के दिन सुबह स्नानादि से निवृत होकर व्रत शुरू करने का संकल्प लें।
 
* तत्पश्चात पूजन के लिए मिट्टी का कलश स्थापित करें।
 
* उस कलश में पानी, अक्षत और मुद्रा रखकर उसके ऊपर एक दीया रखें तथा उसमें चावल डालें।
 
* अब उस दीये पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। ध्यान रखें कि पीतल की प्रतिमा हो तो अतिउत्तम।
 
* प्रतिमा को रोली अथवा सिंदूर का टीका लगाकर अक्षत चढ़ाएं।
 
* उसके बाद कलश के सामने शुद्ध देशी घी का दीप प्रज्ज्वलित करें।
 
* अब तुलसी पत्ते और फूल चढ़ाएं।
 
* फिर फल का प्रसाद चढ़ाकर भगवान श्रीविष्णु का विधि-विधान से पूजन करें।
 
* फिर एकादशी की कथा का पढ़ें अथवा श्रवण करें।
 
* अंत में श्रीहरि विष्‍णु जी की आरती करें।
 
मंत्र : 'ॐ नमो नारायण' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:' का 108 बार जाप करें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

29 मार्च 2025 को बन रहे हैं 6 अशुभ योग, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क, करना होंगे 5 उपाय

गुड़ी पड़वा 2025: खुशियों और उमंग से भरे इन गुड़ी पड़वा शायरी और संदेशों से बढ़ाएं त्योहार की रौनक

गुड़ी पड़वा पर क्यों खाई जाती है कड़वी नीम और गुड़, जानिए सेहत को मिलते हैं क्या फायदे

चैत्र नवरात्रि में घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए करिए ये सरल उपाय, मां दुर्गा की बरसेगी कृपा

चैत्र नवरात्रि 2025: दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से हर क्षेत्र में होगी विजय

सभी देखें

धर्म संसार

27 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

27 मार्च 2025, गुरुवार के शुभ मुहूर्त

Pradosh Vrat 2025 : मार्च माह का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें महत्व और पूजा विधि

गणगौर तीज 2025: माता गौरी के आशीर्वाद से भरें खुशियों का रंग, अपनों को भेजें ये 20 शुभकामनाएं और बधाई संदेश

वर्ष 2025 में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से कौन होगा प्रभावित, जानें अपनी राशि और उपाय

अगला लेख