Publish Date: Fri, 29 May 2026 (15:48 IST)
Updated Date: Fri, 29 May 2026 (16:58 IST)
विश्व पर्यावरण दिवस पर कविता
पेड़ों की छांव कभी मत काटो,
धरती मां का दिल मत बांटो।
नदियां रोती, पर्वत चुप हैं,
मानव क्यों अब इतने क्रूर हैं।
हवा में जहर घुलता जाता,
हर जंगल सूना हो जाता।
पक्षी अपना घर खो बैठे,
बादल भी अब कम ही बरसें।
आओ मिलकर पेड़ लगाएं,
सूखी धरती फिर महकाएं।
जल बचाएं, जीवन बचाएं,
हरियाली का दीप जलाएं।
प्लास्टिक को दूर भगाएं,
नदियों को स्वच्छ बनाएं।
प्रकृति हमसे यही कहे,
'मुझे बचाओ, तभी रहो सहे।'
धरती माँ का मान करें हम,
हर जीव का सम्मान करें हम।
विश्व पर्यावरण दिवस ये कहता,
'प्रकृति से ही जीवन रहता।'
आओ मिलकर शपथ उठाएं,
हरा-भरा संसार बनाएं।
पेड़ लगाना धर्म बने अब,
स्वच्छ पर्यावरण कर्म बने अब।
जब हर आंगन हरियाली होगी,
तभी सच्ची खुशहाली होगी।
धरती फिर से मुस्काएगी,
जीवन में हरियाली लाएगी।
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