Publish Date: Wed, 27 Oct 2021 (12:12 IST)
Updated Date: Wed, 27 Oct 2021 (12:21 IST)
विरासत वह चीज होती है जो आने वाली पीढ़ी को बहुत कुछ सिखाती है। तो कई बार उन्हें अपने भविष्य के लिए भी तैयार करने में मदद करती है। विरासत किसी भी चीज को लेकर हो सकती है। आज हम बात कर रहे हैं ऑडियो-वीडियो के बारे में। हर साल 27 अक्टूबर को विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है रखें दस्तावेजों को संरक्षण के लिए लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना। आइए जानते हैं इस दिवस के बारे में खास बातें -
27 अक्टूबर को हर साल यूनेस्को विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत को बढ़ावा देने के लिए संगठन, सरकार, एनजीओ और समुदायों के साथ मिलकर काम करता है। इस दिन कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अलग-अलग प्रकार से प्रतियोगिता, फिल्मों का प्रदर्शन तो कई प्रकार के स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, टेलीविजन कार्यक्रम, रेडियो, फिल्म ये हमारी महत्वपूर्ण विरासत है। जब इतिहास को खंगाला जाए तो 20वीं और 21वीं सदी के कई सारे ऐसे रिकॉर्ड है जो बहुत महत्वपूर्ण है। ये ऑडियो-वीडियो जब देखे जाते हैं तो सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में मदद करते हें। यूनेस्को जैसे संगठन का मानना है कि वक्त रहते अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई नहीं की गई है तो बहुत जल्द जरूर चीजें खो देंगे।
कब हुई थी शुरू -
यूनेस्को महासभा ने 2005 वर्ष में विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस को मनाने की मंजूरी दी थी। हर वर्ष इस दिवस पर आयोजित कार्यक्रम पुरालेख संघ समन्वय परिषद के अंदर किया जाता है। इनके निमित्त कार्यक्रम तय किए जाते हैं। यह यूनेस्को द्वारा नामित संस्था है।