Hanuman Chalisa

ग़ालिब का ख़त- 9

Webdunia
तुम्हारा ख़त पहुँचा, मुझको बहुत रंज हुआ। वाक़ई, उन छोटे लड़कों का पालना बहुत दुश्वार होगा। देखो़, मैं भी तो इसी आफ़त में गिरफ्तार हूँ। सब्र करो, सब्र न करोगे तो क्या करोगे, कुछ बन नहीं आती। मैं मुसहिल में हूँ। यह न समझना कि बीमार हूँ' हिफ्ज़-ए-सेहत के वास्ते मुसहिल लिया है।

Aziz AnsariWD
तुम्हारे अशआ़र गौ़र से देखकर भाई मुंशी नब्बी बख्‍श साहिब के पास लिफ़ाफ़ा तुम्हारे नाम का भेज दिया है। जब तुम आओगे, तब वह तुमको देंगे। जहाँ-जहाँ तरद्‍दुद व ताम्मुल की जगह थी, वह जाहिर कर दी है और बाक़ी सब अशआ़र बदस्तूर रहने दिए हैं।

अब तुमको यह चाहिए कि कोल पहुँचकर मुझको ख़त लिखो। इस लिफ़ाफ़े की रसीद और अपना सारा हाल मुफ़स्सल लिखो। इस लिफ़ाफ़े की रसीद और अपना सारा हाल मुफ़स्सल लिखो। इसमें तसाहुल न करो। बाबू साहिब के ख़त का जवाब अजमेर को रवाना कर दिया जाएगा। आपकी ख़ातिर जमा रहे। ज्यादा इससे क्या लिखूँ?
असदुल्ल ा


मुंशी ‍साहिब,

तु्म्हारा ख़त कल यानी बुध के दिन पहुँचा। मैं चार दिन से लर्जें में मुबतिला हूँ और मज़ा यह है कि जिस दिन से लर्जा चढ़ा है, खाना मुतलक़ मैंने नहीं खाया। आज पंच शंबा पांचवा दिन है कि न खाना दिन को मुयस्सर है और न रात को शराब। हरारत मिज़ाज में बहुत है, नाचार एहतिराज़ करता हूँ।

भाई, इस लुत्फ़ को देखो कि पाँचवाँ दिन है खाना खाए। हरगिज़ भूख नहीं लगी और तबियत ग़िज़ा की तरफ़ मुतवज्जेह नहीं हुई। बाबू साहिब वाला मनाकिब का ख़त तुम्हारे नाम का देखा, अब उस इरसाल में वह आसानी न रही और बंदा दुश्वारी से भागता है। क्यों तकलीफ़ करें? और अगर बहरहाल, उनकी मर्जी है तो ख़ैर, मैं फ़रमां पज़ीर हूँ। अशआ़र-ए-साबिक़ व हाल मेरे पास अमानत हैं। बाद अच्छे होने के उनको देखूँगा और तुमको भेज दूँगा। इतनी सतरें मुझसे ब-हज़ार ज़र्र-ए-सक़ील लिखी गई हैं।

2 मार्च 1854 ई. असदुल्ला

Show comments

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: 'कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय', यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश

31 मई 1893 भारत के आत्मगौरव और स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा

World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: एक कदम तंबाकू से दूर, हजार कदम स्वास्थ्य की ओर

Ahilyabai Holkar Jayanti: रानी अहिल्याबाई की 301वीं जयंती, जानें इतिहास, प्रेरणादायी विचार और शुभकामनाएं

Ahilyabai Holkar जयंती: नारी शक्ति, न्याय और सेवा का प्रतीक महारानी अहिल्याबाई होलकर