Hanuman Chalisa

गुड़ी पड़वा का त्योहार कब मनाया जाएगा?

WD Feature Desk
gudi-padwa 2024 
 
 
HIGHLIGHTS
 
• वसंत ऋतु में आती है चैत्र मास की प्रतिपदा। 
• चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है।
• गुड़ी का अर्थ 'विजय पताका' होता है।

ALSO READ: Solar Eclipse 2024: सूर्य ग्रहण का प्रभाव किन राशियों पर शुभ और किन पर अशुभ रहेगा?
 
Gudi Padwa: हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार भारतीय संस्कृति में विक्रम संवत् का बहुत महत्व है। तथा भारतीय कैलेंडर के हिसाब से चैत्र का महीना वर्ष का प्रथम महीना है। अनादिकाल से इस दिन को हिन्दू नववर्ष के रूप में जाना जाता है। जिसे नव् संवत्सर भी कहा जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से संवत्सर का पूजन, नवरात्रि घट स्थापना, ध्वजारोपण आदि धार्मिक कार्य पूर्ण विधि-विधान से किए जाते हैं। 
 
पुराणों के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि को देवी आदिशक्ति प्रकट हुई थीं। इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। तथा इस दिन से ही सतयुग का प्रारंभ हुआ था। इस दिन को उगादि भी कहते हैं। ‘प्रतिपदा' के दिन ही पंचांग भी तैयार होता है। 

ALSO READ: Solar Eclipse: कैसे होता है सूर्य ग्रहण, कितने प्रकार का होता है सूर्यग्रहण
 
हिन्दू कैलेंडर के मत अनुसार अभी हिन्दू नव संवत्सर 2080 जारी है और 09 अप्रैल 2024 से विक्रम संवत 2081 का प्रारंभ हो जाएगा। तथा इस संवत्सर का नाम क्रोधी रहेगा। हिन्दू नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह से मानी जा‍ती है, इस तरह से चैत्र मास नववर्ष का पहला माह माना जाता है। अत: इस बार गुड़ी पड़वा का त्योहार दिन मंगलवार, 9 अप्रैल 2024 को मनाया जाएगा। इसे नूतन वर्ष भी कहा जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन चंद्रमा की कला का प्रथम दिवस माना जाता है। 

ALSO READ: Solar Eclipse 2024: वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण कब लगेगा, जानिए सूर्यग्रहण शुभ या अशुभ
 
कब मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा, जानें शुभ मुहूर्त और समय : Gudi Padwa 2024 Muhurat 
 
मंगलवार, 09 अप्रैल 2024 को गुड़ी पड़वा
 
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ- 08 अप्रैल 2024, सोमवार को 03.20 पी एम से, 
प्रतिपदा तिथि की समाप्ति- मंगलवार, 09 अप्रैल 2024 को 12:00 पी एम पर होगी।
 
09 अप्रैल 2024 : दिन का चौघड़िया
चर- 08.31 ए एम से 10.01 ए एम
लाभ- 10.01 ए एम से 11.30 ए एम
अमृत- 11.30 ए एम से 01.00 पी एम
शुभ- 02.29 पी एम से 03.59 पी एम
 
रात्रि का चौघड़िया
लाभ- 06.59 पी एम से 08.29 पी एम
शुभ- 10.00 पी एम से 11.30 पी एम
अमृत- 11.30 पी एम से 10 अप्रैल 01.01 ए एम, 
चर- 01.01 ए एम से 10 अप्रैल 02.31 ए एम, 

ALSO READ: हिन्दू नव वर्ष कब मनाया जाता है 2024 में?
 
मंगलवार का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- प्रातः 03.56 से प्रातः 04.44 तक 
प्रातः संध्या-  04.20 से प्रातः 05.32 तक
अभिजीत मुहूर्त- 11.06 पूर्वाह्न से 11.54 पूर्वाह्न तक 
विजय मुहूर्त- 01.30 अपराह्न से 02.17 अपराह्न तक
गोधूलि मुहूर्त- 05.26 अपराह्न से 05.51 अपराह्न तक 
सायंकाल संध्या- 05.28 अपराह्न से 06.41 अपराह्न तक
अमृत ​​काल- 02.08 अपराह्न से 03.34 अपराह्न तक 
निशिता मुहूर्त- 11.06 अपराह्न से 11.54 अपराह्न तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- प्रातः 05.32 से रात्रि 08.36 तक 
अमृत सिद्धि योग- प्रातः 05.32 से रात्रि 08.36 तक। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: कब रहेगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि वर्ष 2024 में?

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

28 May Birthday: आपको 28 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

ट्रंप का Abraham Accord आखिर क्या है? पाकिस्तान में क्यों मचा सियासी तूफान

संभलकर! 7 जून से लगने जा रहा है विष्कुंभ योग, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन

जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर?

अगला लेख