Publish Date: Fri, 20 Mar 2026 (09:48 IST)
Updated Date: Fri, 20 Mar 2026 (09:55 IST)
गुजरात के जामनगर में स्थित 174 साल पुराना ऐतिहासिक 'भुजियो कोठो' (Bhujiyo Kotho) पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विरासत भी, विकास भी' के मंत्र को सार्थक करते हुए, इस भव्य इमारत का आधुनिक पद्धति से पुनर्विकास किया गया है। 20 सितंबर, 2025 को पीएम मोदी ने इस परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया था।
1852 में निर्मित सौराष्ट्र का सबसे ऊंचा स्थापत्य और उसका इतिहास
भुजिया कोठा का निर्माण 1839 से 1852 के बीच किया गया था। उस समय इस इमारत का उपयोग सुरक्षा और संचार के उद्देश्य से किया जाता था और यह पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र की सबसे ऊंची इमारत के रूप में जानी जाती थी। यह कोठा जामनगर के समृद्ध इतिहास और वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पर्यटकों को राजशाही काल की याद दिलाता है।
2001 के भूकंप के बाद 25 करोड़ रुपए की लागत से मिला नवजीवन
वर्ष 2001 में आए विनाशकारी भूकंप के कारण इस ऐतिहासिक विरासत को भारी नुकसान पहुँचा था। जामनगर नगर निगम द्वारा "स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना" के तहत लगभग 25 करोड़ की लागत से इस कोठे के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के समन्वय से इस स्थापत्य को सुरक्षित किया गया है।
पारंपरिक सामग्री और प्राकृतिक पद्धति से रेस्टोरेशन
भुजिया कोठा को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए अद्भुत कारीगरी और सदियों पुरानी पारंपरिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। इस भव्य इमारत के रेस्टोरेशन कार्य में आधुनिक सीमेंट के बजाय चूना, गुग्गुल, मुल्तानी मिट्टी, गोखरू, रीठा और सिंदूर जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया है। इसकी कलात्मक खिड़कियों, बरामदों और बालकनियों को उनके मूल ऐतिहासिक गौरव के साथ फिर से स्थापित किया गया है।
'हेरिटेज चेन' से जामनगर के पर्यटन को मिलेगी नई गति
आने वाले समय में परियोजना के दूसरे चरण में खंभालिया गेट, भुजिया कोठा और रणमल झील स्थित लाखोटा म्यूजियम को एक 'हेरिटेज चेन' (विरासत श्रृंखला) के माध्यम से जोड़ा जाएगा। ये तीनों महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों के लिए एक ही प्रवेश द्वार से सुलभ होंगे। इस योजना से जामनगर आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर इतिहास, संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।