Publish Date: Wed, 18 Sep 2024 (18:28 IST)
Updated Date: Wed, 18 Sep 2024 (18:32 IST)
बुलेट ट्रेनों में अब मुसाफ़िरों के यात्रा अनुभव को यादगार बनाने के लिए शोर अवरोधक होंगे। रेल ट्रैक के ऊपर 2 मीटर ऊंचा और 1 मीटर चौड़ा कंक्रीट पैनल शोर को रोकेगा। अब तक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर 87.5 किमी के क्षेत्र में शोर अवरोधक लगाए जा चुके हैं। गुजरात में 1,75,000 से अधिक ध्वनि अवरोधक स्थापित किए गए हैं। वायाडक्ट के दोनों किनारों पर एक किलोमीटर की दूरी पर 2000 ध्वनि अवरोधक लगाए गए हैं।
क्या है खासियत : बता दें कि प्रत्येक का वजन लगभग 830-840 किलोग्राम है। ये शोर अवरोधक रेल स्तर से 2 मीटर ऊंचे और 1 मीटर चौड़े कंक्रीट पैनल हैं। प्रत्येक का वजन लगभग 830-840 किलोग्राम है। यह ट्रेन द्वारा उत्पन्न वायुगतिकीय ध्वनि और पटरियों पर चलने वाले पहियों द्वारा उत्पन्न शोर को प्रतिबिंबित करने और नष्ट करने में मदद करता है। इन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ट्रेन में बैठे यात्रियों को शोर से परेशानी न हो। आवासीय और शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले पुलों पर 3 मीटर ऊंचे ध्वनि अवरोधक लगाए जाएंगे। 2 मीटर कंक्रीट पैनल के अलावा, अतिरिक्त 1 मीटर शोर अवरोधक 'पॉलीकार्बोनेट' और पारदर्शी होंगे।
अरब सागर में होगी सुरंग : मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम 'बुलेट' स्पीड से चल रहा है। पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली है, जिसके लिए रेलवे ट्रैक के साथ-साथ अरब सागर के नीचे गहरे पानी में सुरंग बनाने का काम भी चल रहा है। इस बीच नवसारी जिले में कावेरी नदी पर बुलेट ट्रेन के लिए पुल का निर्माण पूरा हो गया है। गुजरात में नदियों पर बनने वाले 20 पुलों में से 11 पुल पूरे हो चुके हैं सितंबर 2017 में अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। यह ट्रेन दो घंटे में 500 किमी से ज्यादा की दूरी तय करेगी।
Edited By: Navin Rangiyal
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