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पीएम मोदी आज साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का करेंगे उद्घाटन

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Sanand
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के अहमदाबाद और साणंद के महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस आगमन को लेकर प्रशासन द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी दोपहर करीब 2:30 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां स्थानीय नेताओं और उच्च अधिकारियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और थोड़े समय के विश्राम के बाद वे सीधे साणंद के लिए रवाना होंगे।
अहमदाबाद से हेलीकॉप्टर के जरिए दोपहर 2:55 बजे प्रधानमंत्री साणंद पहुंचेंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण माइक्रोन कंपनी द्वारा स्थापित किया गया सेमीकंडक्टर प्लांट है, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी के हाथों किया जाएगा। इस प्लांट के साथ ही देश में आधिकारिक तौर पर कमर्शियल चिप उत्पादन की शुरुआत होगी, जो भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

इस सेमीकंडक्टर प्लांट का निर्माण देश की तकनीकी प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक AI टेक्नोलॉजी और स्मार्ट उपकरणों में इन चिप्स का उपयोग बहुत जरूरी है। भारत में ही स्वदेशी चिप का उत्पादन शुरू होने से विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और 'मेक इन इंडिया' अभियान को मजबूती देने में बड़ी मदद मिलेगी।

प्लांट के उद्घाटन के अलावा, साणंद में प्रधानमंत्री मोदी का एक भव्य रोड शो भी आयोजित होने जा रहा है। इस रोड शो में करीब 50 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। साणंद के इन सभी कार्यक्रमों के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी शाम को वापस दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

एफिल टॉवर से साढ़े तीन गुना अधिक स्टील और विशाल निर्माण : माइक्रोन प्लांट का पहला चरण पूरा हो चुका है और इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। माइक्रोन के सीईओ संजय मेहरोत्रा के अनुसार, इस प्लांट के क्लीनरूम में फ्रांस के प्रसिद्ध एफिल टॉवर से भी साढ़े तीन गुना अधिक स्टील का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, इस विशाल प्लांट के निर्माण में 100 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल भर जाएं, उतने कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है।

ऑपरेशन थिएटर से भी ज्यादा स्वच्छ 'क्लीनरूम' : सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए अत्यंत शुद्ध वातावरण की आवश्यकता होती है। साणंद प्लांट का 5,00,000 वर्ग फुट में फैला क्लीनरूम अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर से भी अधिक स्वच्छ है। यहाँ हवा का संचार ऊपर से नीचे की ओर इस तरह होता है कि धूल का एक छोटा कण या मानव शरीर का एक बाल भी चिप तक नहीं पहुँच सकता, क्योंकि यह पूरी चिप को नुकसान पहुँचा सकता है।

तापमान में 1 डिग्री का बदलाव भी मशीन को रोक सकता है : इस प्लांट में टेक्नोलॉजी और पर्यावरण का नियंत्रण बेहद सटीकता से किया जाता है। यदि क्लीनरूम के तापमान में केवल 1 डिग्री का भी बदलाव होता है, तो अत्याधुनिक मेमोरी टेस्टिंग मशीनें काम करना बंद कर सकती हैं। चिप की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यहाँ तापमान को लगातार एक समान स्तर पर रखा जाता है, ताकि वर्षों तक उत्पादन में कोई खराबी न आए।

माइक्रोन के इस 'ग्लोबल गोल्ड स्टैंडर्ड' प्लांट में किसी भी तकनीकी खराबी से निपटने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। बिजली आपूर्ति, कूलिंग और एयर फिल्ट्रेशन के लिए मजबूत बैकअप सिस्टम बनाए गए हैं। यदि कोई एक सिस्टम विफल हो जाता है, तो भी उत्पादन प्रक्रिया न रुके यह सुनिश्चित किया गया है, जो भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

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