अस्थमा के मरीज रखें दिवाली पर अपनी सेहत का विशेष ख्याल, जानिए जरूरी बातें

Webdunia
दिवाली का त्योहार अपने साथ ढेर सारी खुशियां लेकर आता हैं लेकिन पटाखों और पॉल्यूशन के कारण अस्थमा मरीजों के लिए इस समय टेंशन बढ़ जाती है। अस्थमा के मरीजों के लिए पटाखों का धुआं परेशानी का सबब बन जाता है जिस वजह से उन्हें सेहत संबंधी परेशानियां होनी लगती है। तो आइए जानते है कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं....
 
1. अस्थमा के मरीज दिवाली की रात ज्यादा देर तक अपने घर से बाहर न रहें। अगर किसी वजह से घर से बाहर निकला पड़े तो मुंह पर मास्क लगाकर ही बाहर जाएं।
 
2. अपने हाथों को साफ करें समय-समय पर अपने हाथों को साबून से धोते रहें।
 
3.  पटाखों, फुलझड़ियों व अनार जलाने का भले ही आपको शौक हो, लेकिन सेहत का ध्यान रखते हुए इनसे दूरी बनाना बेहद जरूरी है। इनसे निकलने वाला धुंआ आपको प्रभावित कर सकता है।
 
4.  ज्यादातर वक्त घर के अंदर ही गुजारें तो बेहतर होगा, क्योंकि बाहर पटाखों का धुंआ पूरे वातावरण में व्याप्त होता है। घर के बाहर अधिक देर तक रहने पर आप इससे अछूते नहीं रहेंगे, और सेहत जोखिम में  रहेगी सो अलग।
 
5.  अपना इन्हेलर व दवाईयां हर वक्त अपने साथ रखें। आपको किसी भी समय इसकर जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में जरूरत के समय यह आपके पास होना चाहिए।
 
6. अपने डॉक्टर से पहले ही सलाह लें और खाने पीने का विशेष ध्यान रखें। अधिक तेल-मसाले वाला खानाखाने से बचें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेट रह सके।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नवरात्रि दुर्गा पूजा के फलाहार, जानें 9 दिनों के व्रत की रेसिपी

अप्रैल फूल डे 2025 से जुड़े 20 अनोखे और मजेदार फैक्ट्स जो आपको हैरान कर देंगे

गुड़ी पड़वा विशेष: गुड़ी पर क्यों चढ़ाते हैं गाठी/पतासे का हार, जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

Chaitra navratri diet: नवरात्रि में कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल? जानें सही डाइट टिप्स

चैत्र नवरात्रि में घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए करिए ये सरल उपाय, मां दुर्गा की बरसेगी कृपा

सभी देखें

नवीनतम

बैठते या खड़े होते समय चटकती हैं पैरों की हड्डियां? जानिए इसके 5 बड़े कारण

ईद के इस चांद की तरह दमकता रहे आपका हर दिन, रब से बस यही दुआ मांगते हैं ईद के दिन... खास अंदाज में कहें ईद मुबारक

सुबह उठते ही लगती है तेज भूख? जानिए इसके 5 चौंकाने वाले कारण और राहत के उपाय

Gudi padwa Essay: गुड़ी पड़वा पर आदर्श निबंध हिन्दी में

गुड़ी पड़वा पर क्यों खाई जाती है कड़वी नीम और गुड़, जानिए सेहत को मिलते हैं क्या फायदे

अगला लेख