suvichar

क्यों नहीं खाना चाहिए मानसून में हरी सब्जियां और दही, क्या है इसकी असली वजह

जानिए क्या है धार्मिक और वैज्ञानिक कारण, सेहत पर क्या पड़ता है असर

WD Feature Desk
शनिवार, 27 जुलाई 2024 (15:28 IST)
Monsoon diet tips
 
आयुर्वेद में बरसात के दिनों में हरी सब्जियां और दही जैसी चीजों के सेवन की मनाही है। इसके पीछे स्वास्थ्य से जुड़े बड़े कारण हैं। मॉनसून के समय ही सावन का महीना भी आता है। श्रावण महीने में लोग व्रत करते हैं और इस दौरान खाने-पीने की कई चीजों से परहेज भी करना पड़ता है।

श्रावण के महीने में लोग धार्मिक महत्व के कारण अपनी डाइट और रहन-सहन को पूरी तरह बदल देते हैं। इनके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी होते हैं। ऐसा ही एक नियम जो श्रावण में फॉलो किया जाता है वह है हरी पत्तेदार सब्जियां ना खाने का।

लोगों को बरसात के दिनों में स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए साग और दही जैसे फूड्स का सेवन ना करने की सलाह दी जाती है। क्यों किया जाता है सावन में दही और साग खाने से मना, आज इस आलेख में हम आपको इसके कारण बता रहे हैं।ALSO READ: बरसात में पसंद है चाय और पकौड़े, जानिए कितना हेल्दी या अनहेल्दी है ये कॉम्बिनेशन

बरसात के दिनों में क्यों नहीं खानी चाहिए हरी सब्जियां?
वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो सावन का महीना बरसात का समय होता है। बारिश के कारण वायरस, बैक्टेरिया और कीटाणुओं की संख्या भी बढ़ने लगती है। ऐसे में सब्जियों के पत्तों पर छोटे-छोटे कीड़े पनपने लगते हैं जिनसे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस तरह की सब्जियां खाने से पेट की बीमारियां भी बढ़ सकती हैं। इसीलिए, साग और हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से परहेज करना जरूरी हो जाता है।

दही खाने से क्यों किया जाता है मना?
आयुर्वेद के अनुसार, बरसात के दिनों में दही खाने से भी मना किया जाता है। दरअसल, दही खाने से शरीर में सुस्ती बढ़ती है। सावन के महीने में वातावरण में काफी नमी रहती है, जिससे कान और गले में इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को दही खाने के लिए मना किया जाता है। क्योंकि, दही खाने से गले में खराश और कफ की समस्‍या बढ़ सकती है। इसलिए इस मौसम में हर आयु वर्ग के लोगों को दही खाने से मना किया जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या एक पुत्र भी गुरु हो सकता है? माता देवहूति का अद्भुत जीवन

रंगों और स्वाद का संगम: रंगपंचमी पर्व के 5 सबसे बेहतरीन पकवान

Low Blood Sugar: हाइपोग्लाइसीमिया, बॉडी में शुगर कम होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं?

सृष्टि का आधार और शक्ति का विस्तार है स्त्री

क्या सीढ़ियां चढ़ते ही घुटने चटकने लगते हैं? बिना दवा जोड़ों के दर्द से राहत दिलाएंगे ये 7 देसी नुस्खे

सभी देखें

नवीनतम

विश्व महिला दिवस 2026: महिला सुरक्षा से जुड़ी ये 4 अहम बातें हर किसी को जानना जरूरी

Tips for Rang Panchami: रंगपंचमी पर इन 5 तरीकों से रखें खुद को सुरक्षित

Womens Day Inspirational Quotes: महिला दिवस पढ़ें 10 प्रेरणादायक कोट्‍स

Rangpanchami n health: रंगपंचमी पर भांग के नशे से कैसे छुटकारा पाएं, पढ़ें 10 टिप्स

International Womens Day 2026: महिला दिवस कब और कैसे शुरू हुआ, जानें इतिहास और महत्व

अगला लेख