Hanuman Chalisa

1917 की किसान-गाथा उर्फ जंतर-मंतर में नरमुंड लिए किसान

Webdunia
वह 1917 की बात थी, जब मोहनदास करमचंद गांधी किसानों की समस्या दूर करने चंपारण, बिहार आए थे और यहां से शुरू हुई थी मोहनदास के महात्मा बनने का रोमांचक और मुश्किल' भरी यात्रा। हालांकि यह सफर अंततोगत्वा बिहार के किसानों के लिए फायदेमंद जरूर रहा, परंतु 100 साल के बाद 'रेल के चक्के' घूमते हुए कब बिहार से तमिलनाडु होते हुए दिल्ली के 'जंतर-मंतर' तक पहुंच गए, मालूम ही न चला!
 
भारत कृषि प्रधान देश है और यहां ही सर्वाधिक बेबसी किसानों को लेकर ही है। अब उनकी दुर्गति तो देखिए कि उन्हें अपनी पेशाब तक पीने पड़ रहे हैं, ताकि सरकार उनकी बातों पर तवज्जो दे ! यह कैसा है गांधीजी के सपनो का भारत ? तमिलनाडु के किसान पिछले 41 दिनों से अपनी बात मनवाने के लिए 'जंतर-मंतर' पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे अपनी बात मनवाने के लिए अनोखा से अनोखा रास्ता भी अपना रहे हैं। उनकी मांग है कि 40,000 करोड़ के सूखा राहत पैकेज, किसानों की ऋण माफ़ी और कावेरी प्रबंधन बोर्ड की स्थापना। चूंकि हाल-फिलहाल UP के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी द्वारा लघु व सामंती किसानों की एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य 80 लाख टन गेहूं की खरीद का भी फैसला लिया गया है!
 
चूंकि हमारा देश कृषि प्रधान है, लेकिन 30,729 करोड़ की कर्ज माफी उत्तरप्रदेश के किसानों को तो राहत देगी, परंतु हर बार सरकार बदलती रहे और हर बार सरकार किसानों के कर्ज माफ करती जाए! ऐसे ही यदि सभी राज्य के किसान अपना कर्ज माफ करवाते रहेंगे, तो कैसे हम विकास की दौड़ में शामिल होंगे ? क्या किसानों द्वारा लिया गया यह कदम सही है ? यदि किसान अपने शरीर पर इस तरह कष्ट देकर अपनी बात मनवाने चाहते हैं, तो उन्हें अन्य राज्य के किसानों के बारे में भी सोचना होगा! साथ ही सरकार को ऐसी भी कदम उठानी होगी कि किसान आत्महत्या न करे और 'जंतर-मंतर' जैसे भौंड़े प्रदर्शन न करें। तभी तो 'सबका साथ, सबका विकास' नारा राष्ट्रीय पहचान बन पाएगा।
यूरेका यूरेका 

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया

घर संभालने वाली महिलाओं को 30 हजार; पर 'हाउस हसबैंड्स' का क्या?

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

हिंदी साहित्य में पहेली के रूप में लिखी जाने वाली एक लयात्मक कविता: कह मुकरियां

बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को

Sant Kabir: अनपढ़ थे कबीर, फिर कैसे डिगा दी बड़े-बड़े पंडितों की गद्दी? सिकंदर लोदी भी टेक चुका था घुटने!

Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

World Drug Free Day 2026: विश्व नशा मुक्ति दिवस क्यों मनाना है जरूरी, जानें खास तथ्य

त्रेता से लेकर कलयुग तक कहानी चरण पादुका की

अगला लेख