Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : दिल मांगे! और...

Webdunia
- निशा माथुर


 
बादलों की आहट को सुनकर, सावन में नाच उठता है मोर, 
सुंदर पंखों को भूल, पैर देखकर कैसे, हो जाता कमजोर।
कस्तूरी मृग में, यायावर-सा सुगंध को, ढूंढ रहा चहुंओर, 
मृगतृष्णा का यह खेल है सारा, क्यूं दिल मांगे कुछ और?
 
मरुस्थल की तपती भटकन में कल-कल मीठे झरने का शोर, 
खारे सागर में मुसाफिर, दूर से दिख जाए, जीवन का छोर। 
कुम्हलाता, अकुलाता जून है व्याकुल, यूं बरसे घटा घनघोर।
फिर भी मरीचिका के दामन को पकड़े, क्यूं दिल मांगे और?
 
दिनभर के भूखे को, भोजन की थाली में, ज्यूं रोटी का कौर, 
कड़ी धूप में व्यथित पथिक को, मिल गई बरगद की ठौर।
लाख कोहिनूर झोली में मानव के, छूना चांद-गगन की ओर, 
मानों-अरमानों से भरी गठरिया, अब क्यूं दिल मांगे फिर और?
 
प्रेम-प्यार का सुधा कलश है, फिर क्यूं भीगी पलकें, भीगे कोर, 
अपनी काया की पहचान बना, नाम बना, वक्त भी होगा तेरी ओर।
आगत-विगत सब खाली हाथ हैं, नश्वर जीवन पर किसका जोर, 
बंद मुट्ठी क्या लेकर है जाना, रुक जा... दिल मांगे कुछ और!

 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मी में बेहतरीन स्वादिष्‍ट आम रस कैसे बनाएं, पढ़ें स्टेप बाय स्टेप विधि और खास कुकिंग टिप्स

B. R. Ambedkar Essay: बाबासाहेब अंबेडकर पर हिन्दी में आदर्श निबंध

मधुमेह रोगियों को नारियल पानी कब पीना चाहिए?

तपती गर्मी से राहत देगा आम का पन्ना, नोट करें विधि

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

सभी देखें

नवीनतम

Ambedkar Jayanti 2026: बाबासाहेब अंबेडकर का जीवन परिचय और 10 उल्लेखनीय कार्य

Pan Kulfi: मेहमानों को कर दें हैरान! घर पर बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल शाही पान कुल्फी

Ambedkar quotes: बाबासाहेब अंबेडकर के 10 अमूल्य विचार, जो आज भी दुनिया बदल सकते हैं

बाल गीत : संविधान में लिखी हुई है

9 अप्रैल, विश्व नवकार महामंत्र दिवस: जानें कल्याणकारी मंत्र और उसकी विशेष खासियतें

अगला लेख