Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

हिन्दी कविता : कहर बरसना चाहिए इन आर्थिक लुटेरों पर...

हमें फॉलो करें हिन्दी कविता : कहर बरसना चाहिए इन आर्थिक लुटेरों पर...
webdunia

डॉ. रामकृष्ण सिंगी

'उनका' संकल्प है कि भेजकर ही रहेंगे वे,
हर भ्रष्टाचारी को जेल की सलाखों में।
जिन्होंने अर्जित की है अनाप-शनाप संपत्ति,
झोंक कर धूल प्रशासन की/कानून की आंखों में।।1।।
 
खूब किया उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग,
धज्जियां उड़ा कर जनता के विश्वास की।
फिर भी आज तक वे बने रहे 'माननीय',
करके इंतिहा मर्यादा/नैतिकता के उपहास की।।2।।
 
करते रहे इस भोले देश के साथ वे धोखा,
देखिए तो! उनकी संपत्तियों का है न ओर-छोर।
अब तक बने रहे दूध के धुले वे, अग्रगण्य,
चिल्ला-चिल्ला कर नए पदधारियों के लिए 'चोर-चोर'।।3।।
 
अब खुल रही है कलाई उन सब की,
बड़े-बड़े धुरंधर वकील भी न दिला पाए उन्हें जमानत। 
मानो या न मानो, भोले जन-मन की कसैली हाय,
अंततः बरपाएगी इन लुटेरों पर घोर कयामत।।4।।
 
कौन हैं, कितने हैं, कहां-कहां पर छुपे हैं ये,
निश्चय ही ढूंढ लेंगे इन्हें कानून के लंबे हाथ।
ये सफेद-पोश डाकू हैं, अर्थव्यवस्था के घुन,
नहीं होनी चाहिए कोई रियासत/मुरव्वत इनके साथ।।5।।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Pitru Moksha Amavasya 2019 : सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के ये 11 उपाय किस्मत बदल देंगे