महीना है फाग का

Webdunia
- ठाकुरदास कुल्हाड़ा

FILE


होरी और रसिया की, मदमाती राग का
आ गया सखी री, महीना है फाग का

कलियों पर झूमते, गुनगुनाते गीत
साज रहे सतरंगी, साज सखी बाग का।

झूम रहीं खेतों में, गेहूं की बालियां
सरसों की पियरी संग, जागे अनुराग का

साज गई बौरों से अमुआ की डालियां
वन-वन मदिराते महुआ की मांग का

कोयलिया कूक सखी गूंज रहीं मधुरिम
कण-कण उल्लास भरा ग्रामवन भांग का

गरमाने लग गई सूरज की रश्मियां
धर रहीं रूप सखी काम भरी आग का

तन मन में भरने लागीं सखी मस्तियां
रसरंग डूबने चुनरिया संग पाग का

रंगों गुलालों से रसभीने अंगों पर
प्यार मनुहार भरे सतरंगी दाग का।

वेबदुनिया पर पढ़ें

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

साप्ताहिक पंचांग 31 से 06 तक, जानें अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह के शुभ मुहूर्त

Uttarakhand : चारधाम तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी, श्रद्धालुओं से आवश्यक दवाइयां रखने को कहा

नवरात्रि की चतुर्थ देवी मां कूष्मांडा की कथा

नवरात्रि की पांचवीं देवी मां स्कंदमाता की कथा

नवरात्रि की छठी देवी मां कात्यायनी की कथा

सभी देखें

धर्म संसार

चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि के साथ जानें महत्व

नवरात्रि की तृतीया देवी चंद्रघंटा की पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती

भारत में कहां की है सबसे प्रसिद्ध गणगौर, कहां लगता है गणगौर मेला, जानिए तिथि, परंपराएं और महत्व

गणगौर व्रत 2025: शिव-गौरी की कृपा पाने के लिए ऐसे मनाएं गणगौर, जानें पूजा विधि, दिनभर की रस्में और जरूरी सामग्री

Matsya jayanti: मत्स्य अवतार जयन्ती पर पूजा का शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा