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गर्मी में यदि लू लग जाए तो करें ये घरेलू उपचार

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lu ka gharelu upay
भीषण गर्मी और तपती धूप के कारण 'लू' (Heatstroke) लगना एक गंभीर समस्या हो सकती है। जब शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है, तो शरीर अपनी शीतलता खो देता है। यदि किसी को लू लग जाए, तो डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ प्रभावी घरेलू उपचार राहत दिला सकते हैं। यहाँ लू से बचाव और उपचार के सबसे सटीक उपाय दिए गए हैं।
 

1. ठंडी सिकाई और शरीर का तापमान कम करना

लू लगने पर सबसे पहला लक्ष्य शरीर के बढ़ते तापमान को कम करना होता है।
ठंडा पानी: प्रभावित व्यक्ति के सिर, गर्दन, बगल और पैरों के तलवों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
स्नान: यदि व्यक्ति होश में है, तो उसे ठंडे पानी से नहलाएं या गीली चादर में लपेट दें। इससे शरीर की अतिरिक्त गर्मी तेजी से बाहर निकलती है।
तौलिया: ऐसे भी कर सकते हैं कि उसे भूमि पर लेटाकर एक गिले तौलिए से सिर से लेकर पांव तक उसकी लू उतारें।
 

2. कच्चे आम का पना (सबसे अचूक उपाय)

भारतीय आयुर्वेद में कच्चे आम का पना लू के लिए 'रामबाण' माना गया है।
बनाने की विधि: कच्चे आम को उबालकर या भूनकर उसका गूदा निकाल लें। इसमें थोड़ा गुड़/चीनी, काला नमक, भुना हुआ जीरा और पुदीना मिलाकर जूस तैयार करें।
फायदा: यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करता है और भीतर से ठंडक प्रदान करता है।
 

3. प्याज का रस: एक प्राचीन औषधि

लू के इलाज में प्याज का उपयोग बहुत पुराने समय से किया जा रहा है।
इस्तेमाल कैसे करें: प्याज का रस निकालकर इसे छाती पर और कानों के पीछे मलने से शरीर का तापमान कम होता है। डॉक्टर की सलाह से पैरों के तलवे में भी प्याज का रस लगा सकते हैं।
सेवन: एक चम्मच प्याज के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पीने से भी राहत मिलती है। गर्मी में कच्चा प्याज खाना लू से बचाव का बेहतरीन तरीका है।
 

4. इमली और धनिए का पानी

इमली: इमली को पानी में भिगोकर उसका रस पीने से शरीर की गर्मी शांत होती है। इसमें आवश्यक खनिज होते हैं जो डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।
धनिया और पुदीना: ताजे धनिए या पुदीने का रस निकालकर उसमें थोड़ी चीनी मिलाकर पीने से पेट और शरीर की जलन दूर होती है।
 

5. हाइड्रेशन और तरल पदार्थ

लू लगने पर शरीर में पानी और नमक की भारी कमी हो जाती है, जिसे संतुलित करना अनिवार्य है:
नारियल पानी: यह प्राकृतिक ग्लूकोज और खनिजों का सबसे अच्छा स्रोत है।
छाछ (मट्ठा): सेंधा नमक और जीरा डालकर ताजी छाछ पिएं। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर को रिकवर करने में मदद करते हैं।
जूस: बेल का शरबत या सत्तू का घोल भी लू में जीवनरक्षक की तरह काम करता है।
 

कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां:

लू लगने पर मरीज को चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थ बिल्कुल न दें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।
मरीज को सीधे एसी (AC) के सामने न बिठाएं, बल्कि उसे किसी ठंडी और हवादार छाया वाली जगह पर ले जाएं।
यदि व्यक्ति को तेज बुखार हो, बेहोशी छाने लगे या सांस लेने में दिक्कत हो, तो बिना देरी किए तुरंत अस्पताल ले जाएं।
 
अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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