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24x7 चलेगा महाअभियान, इंदौर में 30 हजार डॉग्स की होगी नसबंदी, रोज पकड़ेंगे 175 कुत्‍ते, जानिए क्‍या है पूरा प्‍लान?

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, बुधवार, 26 मार्च 2025 (16:31 IST)
इंदौर में आवारा कुत्‍तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में पंचकुईया क्षेत्र में एक बच्‍ची को कुत्‍तों ने हमला कर दिया, जिसमें वो बुरी तरह से घायल हो गई। आए दिन शहर में कुत्‍तों के हमले की खबरें सामने आ रही हैं, ऐसे में इंदौर प्रशासन ने अब कुत्‍तों की नसबंदी के महाअभियान के लिए कमर कसी है।

इस अभियान के तहत करीब 30 हजार कुत्‍तों की नसबंदी की जाएगी, जबकि रोजाना 175 कुत्‍तों को इसके लिए पकड़ने की योजना बनाई जा रही है। इस अभियान को करीब 6 महीने तक चलाने की योजना बनाई गई है।

175 डॉग्स की होगी धरपकड़ : बता दें कि इंदौर में इस अभियान के दौरान प्रतिदिन 175 डॉग्स की धर पकड़ की जाएगी, इसके बाद उनकी नसबंदी होगी। जिससे इनकी बेलगाम जनसंख्या नियंत्रित की जा सके। इसे लेकर तीन विभागों के बीच रणनीति तय की गई है।

6 महीने चलेगा नसबंदी अभियान : इस अभियान को लेकर आयोजित विशेष बैठक में इंदौर कलेक्टर के अलावा नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, स्मार्ट ‍‍सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस अभियान इस ढंग से किया जाए कि 6 महीने में ही इस परिणाम नजर आने लगें। उन्‍होंने बताया कि अभी वर्तमान में 25 से 30 स्ट्रीट डॉग की नसबंदी प्रतिदिन हो रही है, वहीं अगले 6 महीने तक 175 डॉग्स की प्रतिदिन नसबंदी करने का टारगेट है, जिससे ये संख्या 30 हजार तक हो सकती है।

क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर : डॉ प्रशांत तिवारी ने वेबदुनिया को बताया कि कुत्‍ते बेहद समझदार जीव हैं। कभी आगे से हिंसक होकर नहीं काटते हैं। यह सब निर्भर करता है कि हम उन्‍हें कैसे ट्रीट कर रहे हैं। डॉ तिवारी ने बताया कि यह बात सही है कि इन दिनों कुत्‍तों की संख्‍या बढ़ गई है। लेकिन जहां तक काटने की बात है तो यह कुत्‍तों में चिड़चिड़ेपन की वजह से हो रहा है। अब सवाल उठता है कि कुत्‍ते क्‍यों हिंसक और चिड़चिड़े हो रहे हैं। डॉ तिवारी ने बताया कि इन वजह से कुत्‍ते हिंसक हो सकते हैं।
  • सर्वाइवइल के संघर्ष से चिड़चिड़ापन बढ़ गया है।
  • वाहन, हॉर्न, ट्रैफिक का शोर डिस्‍टर्ब कर रहा है।
  • संख्‍या ज्‍यादा होने से सभी को खाना नहीं मिल पा रहा।
  • असामाजिक तत्‍व कुत्‍तों को वेबजह परेशान करते हैं।
  • अपने बच्‍चों की सुरक्षा को लेकर कुत्‍तों में असुरक्षा है।
  • लोग कुत्‍तों और उनके बच्‍चों के साथ मारपीट करते हैं।
  • इंदौर और भोपाल में ठीक से नसबंदी नहीं हो पा रही है।
क्‍यों चिड़चिड़े हो रहे कुत्‍ते : बता दें कि शहरों में लगातार कुत्‍ते चिड़चिड़े होते जा रहे हैं। दरअसल, इंदौर में स्ट्रीट डॉग की संख्या लगातार बढ़ने की वजह से कुत्‍तों के कई हमले हो रहे हैं। इन्‍हीं घटनाओं को देखते हुए नसबंदी अभियान चलाया जा रहा है। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत समयबद्ध रूप से कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत हर दिन का टारगेट सेट कर स्ट्रीट डॉग की नसबंदी करने सहित अन्य उपाय किए जाएंगे। इस अभियान में नगर निगम, पशु पालन व पशु चिकित्सा विभाग, एनजीओ और नागरिकों की भी सहभागिता रहेगी।

क्‍या कहते हैं पशु प्रेमी : पीपल फॉर एनिमल संस्‍था के तहत कुत्‍तों के लिए शेल्‍टर होम संचालित करने वाली प्रियांशु जैन ने वेबदुनिया को बताया कि कुत्‍तों के हिंसक होने के पीछे वजह है कि सफाई की वजह से उन्‍हें खाना नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही कुत्‍ते अपने छोटे बच्‍चों के को लेकर भी असुरक्षित हैं। लोग कुत्‍तों और छोटे बच्‍चों के साथ भी मारपीट करते हैं। इस वजह से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। दूसरा इंदौर और भोपाल में ठीक से कुत्‍तों की नसबंदी नहीं हो रही है, जिससे इनकी तादात लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

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