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तलाक लेने पहुंचे थे डॉक्‍टर इंजीनियर कपल, जज साहब ने ऐसी सलाह दी कि वैलेंटाइन डे मन गया, साथ-साथ पहुंचे घर

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, सोमवार, 16 फ़रवरी 2026 (13:11 IST)
इंदौर में तलाक और फिर जज की समझाइश पर साथ रहने का  एक दिलचस्‍प मामला सामने आया है। यहां एक पति पत्‍नी फैमिली कोर्ट में तलाक लेने पहुंचे थे, लेकिन जज साहब ने दोनों को ऐसी घुट्टी पिलाई कि दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और राजी खुशी घर चले गए। डॉक्टर पति और इंजीनियर पत्नी ने एक-दूसरे को गुलाब दिया और वैलेंटाइन डे का सेलिब्रेशन साथ में किया।

दरअसल, तलाक की याचिका पर सुनवाई के दौरान फैमिली कोर्ट के जज ने दोनों की काउंसलिंग की थी। जज की बात दोनों को समझ आई और दोनों साथ रहने को राजी हो गए। साथ ही तलाक की याचिका दोनों ने वापस ले ली। वैलेंटाइन डे के दिन यह नजारा देखकर कोर्ट का माहौल भी भावुक हो गया।

बर्बाद होने से बचा कपल का जीवन : डॉक्टर-इंजीनियर दंपत्ति ने बताया कि जज साहब की पहल से दोनों का जीवन बर्बाद होने से बच गया। जज साहब ने दोनों पति-पत्नी को बहुत दुलार-प्यार से और मनोवैज्ञानिक तरीके से काउंसलिंग की। दोनों पति-पत्नी के बीच कुछ विवाद था। ऐसे जज साहब हर जगह हो तो कोर्ट के केस बहुत कम हो जाए।

पति पत्‍नी ने लगाई थी तलाक की याचिका : बता दें कि हाई कोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि डॉक्टर पति ने इंजीनियर पत्नी के विरूद्ध शारीरिक, मानसिक प्रताड़ना व मानसिक संत्रास को लेकर विवाह विच्छेद की याचिका कुटुम्ब न्यायालय इंदौर में प्रस्तुत की थी। कोर्ट ने इंजीनियर पत्नी को नोटिस जारी किया था। वैलेंटाइन डे के दिन 14 फरवरी को दोनों पक्ष के लोग कोर्ट में उपस्थित हुए। इस पर जस्टिस आरके जैन ने दोनों पक्षों को सुना।

जज साहब ने ऐसे कराई सुलह : दोनों की दलीलें सुनने के बाद जज को लगा कि इसमें कोई विवाद नहीं है और सुलह और समझाइश की गुंजाइश है। इसके बाद उन्होंने दोनों को समझाते हुए कहा कि जीवन बहुत लंबा है। पुरानी बातें भूलकर जज साहब ने नया जीवन बिताने की सलाह दी। इसके बाद पति-पत्नी सह्रदय समझौता करने के लिए तैयार हो गए। साथ ही तलाक के प्रकरण को वापस लेकर केस समाप्त कर लिया है।

गुलाब दिया और घर लौट गए : वैलेंटाइन डे के दिन सामने आए इस वाकये पर कोर्ट का माहौल भी भावुक हो गया। दोनों ने एक-दूसरे को गुलाब देकर बधाई दी है। साथ ही सारे गिले शिकवे भूलकर साथ रहने का वादा किया है। इस दौरान कोर्ट में मौजूद लोगों को मिठाई भी बांटी है। फिर दोनों अपने घर चले गए। एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि फैमिली कोर्ट इंदौर में सबसे पहले पति-पत्नी के किसी भी केस में प्राथमिक स्तर पर परामर्श किया जाता है, जब लगता है कि दोनों के साथ रहने की गुंजाइश है तो काउंसलिंग की जाती है।
Edited By: Naveen R Rangiyal\

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