Publish Date: Mon, 29 Dec 2025 (23:17 IST)
Updated Date: Mon, 29 Dec 2025 (23:21 IST)
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) भारत के सैन्य बलों को शक्तिशाली बनाने में लगा हुआ है। सोमवार को उसे एक बड़ी सफलता मिली। DRDO सोमवार को पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का पहला उड़ान परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में सफलतापूर्वक किया गया। टेस्टिंग में रॉकेट ने अपनी अधिकतम 120 किलोमीटर की मारक क्षमता का प्रदर्शन किया। रॉकेट ने प्लान के मुताबिक, सभी मैन्यूवर को पूरा किया है और सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया है। पिनाका LRGR 120 रॉकेट पारंपरिक पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम (MBRS) का अपग्रेडेड वर्जन है।
परीक्षण के दौरान LRGR ने लक्ष्य पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। रेंज पर तैनात सभी आधुनिक उपकरणों ने इसकी पूरी उड़ान-मार्ग (ट्रैजेक्टरी) को ट्रैक किया। इस रॉकेट को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) ने हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) के सहयोग से डिजाइन किया है, जबकि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) और रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने तकनीकी समर्थन प्रदान किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने भी परीक्षण को देखा और सभी टीमों को मिशन उद्देश्यों की सफल प्राप्ति पर बधाई दी।
इस उड़ान परीक्षण का समन्वय ITR और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट (PXE) द्वारा किया गया। LRGR को सेना में पहले से शामिल पिनाका लॉन्चर से दागा गया। इससे एक ही लॉन्चर से विभिन्न रेंज वाले पिनाका वेरिएंट्स को दागने की इसकी बहुउपयोगिता सिद्ध हुई। पिनाका मल्टीपल लॉन्चर रॉकेट सिस्टम अपनी तेज प्रतिक्रिया और उच्च सटीकता के लिए जाना जाता है। यह प्रणाली आधुनिक युद्ध में भारतीय सेना की मारक क्षमता को काफी बढ़ाती है।
स्वदेशी हथियारों की ओर बढ़ता भारत
स्वदेशी हथियार प्रणालियों की सबसे बड़ी सफलता कहे जाने वाले पिनाका को सेना का पूरा समर्थन प्राप्त है। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जैसे ही पिनाका के लंबी दूरी वाले संस्करण तैयार होंगे, सेना अन्य वैकल्पिक हथियार प्रणालियों की योजनाओं को छोड़ सकती है। निर्यात के क्षेत्र में भी पिनाका बड़ी सफलता साबित हुआ है। इसे आर्मेनिया द्वारा खरीदा जा चुका है, जबकि फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों ने इसमें रुचि दिखाई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया गेम चेंजर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर DRDO को बधाई दी और कहा कि लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट्स का सफल डिजाइन और विकास सशस्त्र बलों की क्षमताओं को और मजबूत करेगा। उन्होंने इसे गेम चेंजर करार दिया। Edited by : Sudhir Sharma