Publish Date: Fri, 22 Dec 2017 (11:11 IST)
Updated Date: Fri, 22 Dec 2017 (11:16 IST)
सोल। दक्षिण कोरिया की एक इमारत के बाहर ज्वलनशील सामग्री के कारण लगी भीषण आग में 29 लोगों की मौत हो गई। विशषज्ञों ने इस घटना की तुलना लंदन के ग्रेनफेल टावर हादसे से की है।
दक्षिण कोरिया के दक्षिणी शहर जेशेऑन की आठ मंजिला इमरात में यह आग लगी। इस हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए हैं। इस इमारत में एक फिटनेस सेंटर तथा एक रेस्त्रां भी था।
विशेषज्ञों ने बताया कि इमारत में आग लगने की घटना कभी भी हो सकती थी। इसमें आपातकालीन निकास की व्यवस्था अपर्याप्त थी। ज्वलनशील सामग्री और अवैध तरीके से पार्क की हुई कारों के कारण दमकल गाड़ियों को वहां पहुंचने में दिक्कत हुई। वीडियो फुटेज से पता चलता है कि आग तेजी से ऊपर की तरफ फैली।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धमाकों की आवाज सुनाई दी। मैंने आग ग्राउंड फ्लोर पर देखी और फिर यह ज्वलनशील सामग्री की वजह से तेजी से फैली। आग ने केवल सात आठ मिनट में पूरे इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
कोंगजू विश्वविद्यालय के अभियंता प्रोफेसर चुंग सांग-मन ने बताया कि इमारत में सीमेंट और फोम सैंडविच से बनी सामग्री लगाई गई थी। इससे आग के फैलने की संभावना अधिक रहती है।
उन्होंने इसकी तुलना लंदन के ग्रेनफेल टावर में जून में लगी आग का हवाला देते हुए कहा कि आग ने ज्वलनशील सामग्री की वजह से भीषण रूप से लिया। लंदन में इमारत में लगी आग की चपेट में 71 लोगों की मौत हो गई थी। (भाषा)
चित्र सौजन्य : फाइल फोटो