पाकिस्तान का पीएम हाउस बनेगा शीर्ष स्नातकोत्तर संस्थान

Webdunia
शुक्रवार, 14 सितम्बर 2018 (00:00 IST)
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के शिक्षामंत्री ने गुरुवार को बताया कि वर्तमान सरकार जनता के हित में सरकारी भवनों का उपयोग करने की योजना के तहत शानदार पीएम हाउस को एक शीर्ष स्नातकोत्तर संस्थान परिसर में तब्दील करेगी।
 
 
प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले महीने कहा था कि वे पीएम हाउस में नहीं रहेंगे और वे 3 बेडरूम वाले मकान में रहने चले गए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि गर्वनरों को गवर्नर हाउस में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि यह उनकी सरकार का अपने खर्चे को कम करने का प्रयास है। शिक्षामंत्री शफकत महमूद ने बताया कि वर्तमान में जिस भूमि पर पीएम हाउस स्थित है, वहां पर स्नातकोत्तर संस्थान बनाया जाएगा।
 
जिओ न्यूज ने मंत्री के हवाले से बताया कि जनता पूर्ववर्ती सरकारों के 'शाही' तरीके के रहन-सहन से परेशान हो गई थी और यह बेहद जरूरी है कि सरकारी अधिकारियों के रहन-सहन में जनता के धन का दुरुपयोग न हो। शिक्षामंत्री के अनुसार पीएम हाउस का वार्षिक खर्च 47 करोड़ रुपए था।
 
महमूद ने कहा कि इसलिए यह निर्णय लिया गया कि पीएम हाउस को शीर्ष स्तर के शैक्षणिक संस्थान में तब्दील कर दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम हाउस के पीछे की जमीन का भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

भारत कोई धर्मशाला नहीं, लोकसभा में बोले अमित शाह, इमिग्रेशन बिल 2025 पास

रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी घुसपैठिए, सब पर लगेगी लगाम, लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया प्लान

Ranya Rao को तीसरी बार झटका, जमानत याचिका नामंजूर, जानिए Gold smuggling case में अब तक क्या-क्या हुआ

Hurun Global rich List : 284 अरबपतियों के पास भारत की GDP का एक तिहाई हिस्सा, मुकेश अंबानी एशिया में सबसे अमीर

क्‍या है सत्‍ता जिहाद जिसे लेकर उद्धव ठाकरे ने साधा पीएम मोदी पर निशाना?

सभी देखें

नवीनतम

7.7 तीव्रता के भूकंप से थाईलैंड में तबाही, बैंकॉक में इमारतें ढहीं

AIIMAS में मरीजों की भारी भीड़, लोकसभा में क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री नड्डा?

'भड़काऊ' गीत केस : SC ने खारिज की इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ FIR, कहा- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अभिन्न अंग

भूकंप से थर्राया म्यांमार, तेज झटकों से दहला थाईलैंड

LIVE: कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी को सुप्रीम कोर्ट से राहत

अगला लेख