Publish Date: Sat, 28 May 2022 (08:25 IST)
Updated Date: Sat, 28 May 2022 (08:35 IST)
इस्लामाबाद। पाकिस्तान इन दिनों सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। देश में अप्रैल तक महंगाई 2 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच कर 13.4 फीसदी हो गई। एटीएम में पैसे नहीं है तो पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिखाई दे रही है। यहां भी श्रीलंका की तरह आर्थिक संकट के दलदल में फंसने की आशंका गहरा गई है।
स्टार क्रिकेटर मोहम्मद हफीज का यह ट्वीट पाकिस्तान की बदहाली बयां कर रहा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लाहौर में किसी भी पेट्रोल स्टेशन पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं है? एटीएम मशीनों में पैसे नहीं है? राजनीति फैसलों की वजह से आम आदमी सफर क्यों करें?
सबसे बड़ा आर्थिक संकट : पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के पास विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 10.3 अरब डॉलर पर आ चुका है। उसके पास सिर्फ 2 महीने के आयात जितनी ही विदेशी मुद्रा बची है। ऐसे में अब ये कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की हालत भी श्रीलंका जैसी हो सकती है।
मुद्रा बाजार में पाकिस्तानी रुपए पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है। अब एक डॉलर की कीमत 200 पाकिस्तानी रुपए के बराबर पहुंच चुकी है। इस वजह से देश में पेट्रोल की कीमत 179.86, डीजल 174.15, केरोसीन ऑइल 155.55 रुपए तक पहुंच चुकी है।
38 वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध : पाकिस्तान को बड़े आर्थिक संकट से बचाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार लगातार प्रयास कर रही है। अप्रैल में देश की कमान संभालने वाले शाहबाज ने आपात आर्थिक योजना लागू की है। इसके तहत फोन, शैंपू, पास्ता, कार, सूखे मेवे, फर्नीचर, घरेलू उपकरण, हथियार, मेकअप, सिगरेट आदि 38 गैरजरूरी व लग्जरी वस्तुओं के आयात पर पाबंदी लगाई गई है।
IMF का दबाव : कहा जा रहा है पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज चाहता है और IMF 900 मिलियन डॉलर कर्ज देने को तैयार है। हालांकि इसके लिए उसने पेट्रोलियम पदार्थों के साथ ही बिजली पर भी सब्सिडी खत्म करने की शर्त रख दी है। अगर पाक सरकार यह कदम उठाती है तो पाकिस्तान में बेकाबू हो जाएगी।