Publish Date: Sat, 24 Jan 2026 (20:31 IST)
Updated Date: Sat, 24 Jan 2026 (20:48 IST)
Iranian army commander warns the US : अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव तेज हो गया है। ईरान की अर्धसैनिक शक्ति इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने आज अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी फोर्स पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है। उन्होंने कहा कि केवल इशारा मिलने की देरी है और ट्रिगर दब जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच तनाव चरम पर है। मध्य पूर्व में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती के ट्रंप के बयान के बाद तनाव और बढ़ गया है।
खबरों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव तेज हो गया है। ईरान की अर्धसैनिक शक्ति इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने आज अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी फोर्स पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है। उन्होंने कहा कि केवल इशारा मिलने की देरी है और ट्रिगर दब जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि मिडिल ईस्ट की ओर अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा बेड़ा भेजा जा रहा है, जिसे उन्होंने आर्माडा करार दिया। इसके जवाब में ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का हमला पूर्ण युद्ध के रूप में देखा जाएगा।
ईरान ने सेना हाई अलर्ट पर रखी है। हालात इतने बिगड़े कि फ्रांस की एयरलाइंस ने इसराइल, दुबई और सऊदी अरब की उड़ानें रद्द कर दीं यानी ईरान कहना चाह रहा है कि अमेरिका की ओर से एक गोली भी चलाई गई तो वह इसे पूरा युद्ध मान लेगा। मध्य पूर्व में अमेरिकी युद्धपोत की तैनाती के ट्रंप के बयान के बाद तनाव और बढ़ गया है।
ईरानी सेना के कमांडर ने कहा कि अगर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो नतीजे बेहद खतरनाक होंगे। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने कहा कि ईरान की उंगली ट्रिगर पर है। अमेरिकी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं और वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच तनाव चरम पर है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उस हिंसक दमन के बाद और गहरा गया है, जो 28 दिसंबर को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान देखने को मिला। ये प्रदर्शन ईरान की मुद्रा रियाल के अचानक ढहने के बाद भड़के थे और करीब दो सप्ताह तक देश के कई हिस्सों में फैले रहे। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ईरान को चेतावनी दी है।
Edited By : Chetan Gour
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