मसूद अजहर एयरस्ट्राइक में मारा गया या यह इमरान खान की कोई नई चाल है?

सोमवार, 4 मार्च 2019 (07:48 IST)
भारत के कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद फैलाने वाले जैश ए मोहम्मद के आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की इमरान सरकार पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच उसकी मौत की अपुष्ट खबरें आ रही है जिसकी किसी भी एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। सवाल यह उठता है कि यह खबर कैसे फैली या क्या जानबूझकर फैलाई गई? क्या सच में ही वह बीमार है या कि यह पाकिस्तान की उसे बचाने की कोई नई चाल है। उल्लेखनीय है कि उसने ओसाम बिन लादेन के बारे में भी ऐसी ही खबरें उड़ाई गई थी कि वह बीमार है।
 
 
बदलती जा रही है मसूद की लोकेशन-
हालांकि बीमारी या मौत को लेकर इन अटकलों के बीच पाकिस्तान की सरकार या सेना से कोई अधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं आया है। भारत में खुफिया एजेंसियां इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि मीडिया और सोशल मीडिया पर मसूद अजहर की मौत को लेकर जो कुछ कयास लगाए जा रहे हैं उनमें कितनी सच्चाई है, क्योंकि अभी तक सिर्फ यही बातें पता चली हैं कि मसूद अजहर पाकिस्तानी सेना के हेडक्वॉर्टर रावलपिंडी के आर्मी बेस हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा रहा है। हालांकि ये भी निश्चित नहीं है क्योंकि जिस तरह से पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर भारतीय वायुसेना ने मसूद अजहर के आतंकी अड्डे को तबाह किया है, पाकिस्तान तब से परेशान है कि वो मसूद अजहर को कहां पर छुपाए।
 
 
ये भी कहा जाता है कि मसूद अजहर की लोकेशन लगातार पाकिस्तानी सेना और आईएसआई बदल रही है और ये तब से हो रहा है जब से भारत ने पुलवामा हमले का बदला लेने की कसम खाई थी। जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वॉर्टर बहावलपुर से मसूद अजहर को पहले ही हटा दिया गया था। बहावलपुर में जैश के आतंकी हेडक्वॉर्टर को कब्जे में लेकर उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बताया जा रहा है कि मसूद अजहर खुद पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के संरक्षण और उनके सेफ हाउस में रह रहा है।
 
 
क्या मसूद अजहर एयरस्ट्राइक में मारा गया या उसको बचाने का कोई प्लान है?
जिस तरह से पहले मसूद अजहर की बीमारी और अब मौत की खबरें फैली हैं उससे यही लग रहा है कि पाकिस्तान मसूद अजहर को बचाने और मसूद अजहर पर खुद को बचाने के लिए नई चाल चल रहा है। हालांकि यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर मसूद अजहर वाकई मर गया है तो क्या मसूद अजहर उस बीमारी से मरा है जिस बीमारी का इलाज रावलपिंडी के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा था? या फिर मसूद अजहर 26 फरवरी को हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक में मरा है या फिर घायल होकर इलाज के दौरान मर गया?
 
 
यह भी हो सकता है कि मसूद अजहर एयरस्ट्राइक में मारा गया हो और इस सच को छुपाने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने पहले उसकी बीमारी की खबर फैला दी और अब उसे बीमारी से मारा जाना घोषित कर दें। अगर मसूद अजहर जिंदा है तो क्या मौत की खबरें पाकिस्तानी सेना और सरकार द्वारा फैलाकर उसे बचाने की कवायद हो रही है? इन बातों में बहुत सच्चाई हो सकती है क्योंकि जिस तरह से मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान चारों तरफ से घिरा है उसमें उसे फिलहाल के लिए बचने का कोई रास्ता तो निकालना ही है।
 
 
पाकिस्तान जरूर कुछ खेल कर रहा है, क्योंकि अभी तक पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ये माना है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है और वो बीमार है। बीमारी की बात भी क्यों खुद विदेश मंत्री ने कह दी है, ये भी हैरान करने वाली बात है। 
 
 
क्या कार्रवाई कर सकता है पाकिस्तान?
सवाल यह भी उठता है कि पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ तनाव कम करने की कोशिश में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर पर कार्रवाई करने का फैसला किया है? एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने रविवार को बताया कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवादियों की सूची में अजहर को शामिल करने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस भी ले सकता है।
 
सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सरकार ने सैद्धांतिक रूप से जैश के नेतृत्व पर कार्रवाई करने का निर्णय किया है। जैश के खिलाफ देश में कार्रवाई जल्द ही किसी भी समय हो सकती है। सूत्र ने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिश में इमरान खान सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है। भारतीय पायलट को उसके देश भेजने के बाद तनाव कम करने की कोशिश में इमरान खान सरकार का यह अन्य महत्वपूर्ण कदम है।
 
अजहर के भविष्य पर एक सवाल के जवाब में आधिकारिक सूत्र ने बताया कि वह यह पुष्टि नहीं कर सकते कि उसे घर में नजरबंद किया जाएगा या हिरासत में लिया जाएगा। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा अधिकारी ने संकेत दिया कि पाकिस्तान जैश प्रमुख को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित कराने के प्रस्ताव पर अपने विरोध को वापस ले सकता है।
 
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बीते बुधवार को पाकिस्तान में रहने वाले अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नए सिरे से प्रस्ताव रखा था। ऐसा होने से अजहर के वैश्विक रूप से यात्रा करने पर पाबंदी लग जाएगी, उसकी संपत्तियां फ्रीज हो जाएंगी। सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध के बारे में निर्णय लेने वाली समिति 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के वीटो अधिकार प्राप्त तीन स्थाई सदस्य देशों के ताजा प्रस्ताव पर 10 दिन के अंदर विचार करेगी।
 
अजहर मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए पिछले 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में इस तरह का यह चौथा प्रयास है। भारत ने 2009 में अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए प्रस्ताव रखा था। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी से संपर्क करने पर उन्होंने कहा, ''सरकार ने पहले भी जेईएम समेत प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की है और उनके खिलाफ भविष्य में कोई भी कार्रवाई राष्ट्रीय कार्य योजना और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल के संबंध में हमारी प्रतिबद्धताओं के अनुसार की जाएगी।" (एजेंसी)

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर की मौत की खबर का सच...