Publish Date: Sun, 11 Feb 2018 (01:51 IST)
Updated Date: Sun, 11 Feb 2018 (01:57 IST)
रामल्ला/ फलस्तीन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फलस्तीनी राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास को वहां के लोगों के हितों के लिए भारत की प्रतिबद्धता के प्रति शनिवार को आश्वस्त किया और उम्मीद जताई कि फलस्तीन शांतिपूर्ण तरीके से जल्द ही एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनेगा।
संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और फलस्तीन की चार दिन की यात्रा के दौरान यहां पहुंचे मोदी ने अब्बास के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि फलस्तीन की खुशहाली और शांति के लिए बातचीत का रास्ता ही एक मात्र हल है। उन्होंने कहा कि वार्ता के जरिए यहां हिंसा खत्म होनी चाहिए तथा शांति का मार्ग निकलना चाहिए।
मोदी ने कहा कि फलस्तीन की तरह भारत भी युवाओं का देश है। उन्हें यहां के युवाओं से भी वही उम्मीद है जो भारत के युवाओं से हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा हमारा भविष्य और उत्तराधिकारी हैं। इसलिए, दोनों देशों के बीच ज्ञान और विज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए हर साल इस उद्देश्य से एक-दूसरे के यहां आने-जाने वाले छात्रों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 की जाएगी।
मोदी ने कहा कि फलस्तीन के साथ भारत का सदियों पुराना संबंध है और वर्तमान में भी भारत के लिए फलस्तीन का विशेष महत्व है। बेहतर कल के लिए दोनों देशों के बीच परस्पर सहयोग को मजबूत किया जाना आवश्यक है और इसके लिए ढांचागत विकास, तकनीकी, वित्त प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, संरचना विकास जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस क्रम में यहां रामल्ला में टेक्नोलॉजी पार्क परियोजना शुरू की गई है और उस पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही भारत यहां बन रहे राजनयिक संस्थान की स्थापना में भी सहयोग कर रहा है। यह संस्थान विश्व स्तर का होगा। परस्पर सहयोग के कार्यक्रमों के जरिए न सिर्फ संबंध मजबूत होंगे, बल्कि रोजगार के अवसर खुलेंगे और युवाओं के सुनहरे भविष्य का सपना पूरा हो सकेगा। दोनों देशों के बीच कौशल विकास और निवेश को बढावा देने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फलस्तीन के लोगों ने कठिन समय में चुनौतियों का बखूबी मुकाबला किया है। यहां के लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में अपने विकास के लिए अपनी ऊर्जा और क्षमता का जिन चुनौतियों के साथ इस्तेमाल किया है वह सरहानीय है। (वार्ता)