Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 10 साल और बेटी मरियम को 7 साल की सजा

हमें फॉलो करें webdunia
शुक्रवार, 6 जुलाई 2018 (22:50 IST)
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज को लंदन में एवनफील्ड संपत्ति मामले में जवाबदेही ब्यूरो की अदालत ने शुक्रवार को क्रमश: 10 वर्ष तथा 7 वर्ष कैद की सजा सुनाई। अदालत ने सजा के साथ ही साथ दोनों पर कुल 90 करोड़ रुपए जुर्माना भी ठोंका है। शरीफ पर 72 करोड़ रुपए और मरियम पर 18 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
 
शरीफ के दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) सफदर को भी एक वर्ष कैद की सजा दी गई है। एवनफील्ड का स्वामित्व शरीफ परिवार के पास 1993 से है अौर अदालत ने अपने फैसले में  कहा है कि संघीय सरकार की तरफ से इनकी जब्ती की जाएगी।
 
इस फैसले के बाद मरियम और सफदर को इसी जुलाई में होने वाले चुनावों के लिए अयोग्य  ठहरा दिया गया है। मरियम लाहौर और सफदर मानशेरा से चुनाव मैदान में थे। इस फैसले के बाद पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने कहा कि एनए-127 निर्वाचन क्षेत्र के मतपत्रों से मरियम का नाम हटा दिया जाएगा।
 
इस मामले में सुनवाई के बाद राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के महाअभियोजक सरदार मुजफ्फर अब्बासी ने बताया कि आरोपियों को 10 दिनों में फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी। इस फैसले को लेकर पूरे देश की निगाहें अदालत पर थीं और इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे तथा अदालत के चारों तरफ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। अदालत की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया था। जिला प्रशासन ने राजधानी में लोगों के एकत्र होने से रोकने के लिए धारा 144 लगा दी थी।
         
इस मामले में फैसला आने से पहले मरियम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था 'पीएमएल-नवाज के शेरों, इस मामले में चाहे कोई भी फैसला आए, तुम अपना संयम मत खोना।' उन्होंने टवीट् करते हुए था 'यह आपके शरीफ के लिए नया नहीं है। उन्होंने निर्वासन, अयोग्यता तथा उम्रकैद को झेला है।' 
 
इस समय नवाज शरीफ कैंसर से जूझ रही पत्नी कुलसुम नवाज के पास लंदन में हैं। शरीफ की उत्तराधिकारी मानी जाने वाली उनकी बेटी मरियम नवाज को भी सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। बताया जा रहा है कि शरीफ इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। इससे पहले शरीफ ने अदालत की कार्यवाही को राजनीति से प्रेरित बताया था।

नवाज शरीफ पर जब भ्रष्टाचार का आरोप लगा था, तभी उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। शरीफ उस वक्त आरोपों के घेरे में आ गए थे जब बहुचर्चित पेपर्स लीक में उनका नाम आया था। यह कांड अप्रैल 2016 में पूरी दुनिया में उजागर हुआ था।

पनामा पेपर्स लीक में दुनिया के कई बड़े नेताओं समेत नामी हस्तियों के नाम सामने आए थे, आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिंगमंडर गुनलॉगसन से लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ और बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन जैसे लोगों के नाम सामने आए थे।

आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिंगमंडर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 20 अप्रैल 2017 को पनामा पेपर्स लीक मामले में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने जेआईटी का गठन किया जो इस पूरे मामले की जांच कर रही थी। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को दोषी करार दिया था और आज अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा का फैसला सुनाया।
webdunia

प्रधामंत्री पद से हटाए गए शरीफ : पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच ने जब पिछले साल अप्रैल में नवाज शरीफ के खिलाफ फैसला सुनाते हुए तत्काल प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का आदेश दिया था। इसके बाद नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया। 

चुनाव लड़ने पर भी रोक : सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि नवाज शरीफ अब आजीवन चुनाव नहीं लड़ पाएंगे और ना ही किसी सार्वजनिक पद पर बैठ पाएंगे। वहीं उनकी बेटी मरियम शरीफ भी अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। आज सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ के साथ ही साथ उनकी बेटी मरियम को भी 7 साल की सजा सुनाई है।

शरीफ के परिवार की विदेश में संपत्ति : शरीफ के परिवार के विदेश में संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के लिए संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था और जेआईटी ने 10 जुलाई 2017 को अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि शरीफ और उनके बच्चों का रहन-सहन उनके आय के ज्ञात स्रोत के मुताबिक नहीं है। रिपोर्ट में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज करने का सुझाव दिया गया था।

140 लोगों की संपत्ति का खुलासा हुआ था : पनामा की कंपनी मोसाक फोंसेका के बारे में कहा जाता है कि वह दुनिया में सबसे अधिक गोपनीयता से काम करने वाली कंपनी है। इसके लाखों कागजात लीक हो गए। आईसीआईजे ने दस्तावेजों की गहरी छानबीन की। अंतरराष्ट्रीय महासंघ अमेरिका स्थित एक एनजीओ है जिसके खोजी पत्रकारों ने इन दस्‍तावेजों की गहन छानबीन की जिसके बाद उपलब्‍ध कराया था।
जांच में 140 लोगों की संपत्ति का खुलासा हुआ था जिनमें नवाज शरीफ के अलावा कई फिल्मी और खेल जगत की हस्तियों भी थीं। आइसलैंड के प्रधानमंत्री, यूक्रेन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के राजा और डेविड कैमरन के पिता का नाम प्रमुख है। इनके अलावा सूची में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबियों, अभिनेता जैकी चैन और फुटबॉलर लियोनेल मेसी का नाम भी था। 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

उत्तराखंड चारधाम यात्रा में पहुंचे 21 लाख से ज्यादा श्रद्धालु