पहले गाय पर बयान… फ‍िर यूएई की प्रिंसेस को लेना पड़ा यू-टर्न

संयुक्‍त अरब अमीरात की राजकुमारी हेंद अल कास‍िमी सोशल मीड‍िया पर सक्र‍िय रहने के ल‍िए खबरों में रहती हैं। वे हेट स्‍पीच के खिलाफ भी अभि‍यान चलाती हैं।

लेक‍िन इस बार उन्‍होंने एक ऐसा बयान दे दिया क‍ि वे ट्रोल हो गई और यूजर्स ने उनसे कई सवाल पूछ डाले। अपने बयान की आलोचना को देखते हुए उन्‍होंने एक तरह से यू-टर्न लेते हुए सफाई देने के ल‍िए मजबूर होना पड़ा।

यूएई की प्र‍िसेंस ने दरअसल ट्व‍िटर पर गाय को लेकर बयान द‍िया था। ट‍ि्वटर पर ट्रोल होने के बाद उन्‍होंने गाय को लेकर द‍िए बयान पर अपनी सफाई दी।

राजकुमारी ने अमेरिका में कुत्‍ते को लेकर लोगों के बर्ताव के बहाने भारत पर निशाना साधा। हेंद अल कासिमी ने कहा, अपने ट्व‍िटर अकांउट पर ल‍िखा था-

'भारत में लोग इंसान से ज्‍यादा गाय के साथ अच्‍छा व्‍यवहार करते हैं।'

उनके इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर उनकी काफी आलोचना होने लगी। इसके बाद एक यूजर ने लिखा,

'भारत और हिंदुओं के खिलाफ जिस तरह का जहर आप पिछले कुछ सप्‍ताह में खाड़ी देशों में फैला रही हैं, यह लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। मैं यूएई के किंग से अपील करता हूं कि वह इस घृणा फैलाने वाली महिला के खिलाफ ऐक्‍शन लें।'

कमल नाम के एक यूजर ने ल‍िखा- तथाकथित मानवाधिकार की बात करने वाले जमातियों के दुष्कर्मों पर, कोरोना वेरियर्स पर आक्रमण पर चुप्‍पी क्‍यों साध लेते हैं।

इसी तरह प्र‍िसेंस को और भी कई लोगों ने कमेंट कर के ट्रोल कर डाला। कुछ लोगों ने कह डाला क‍ि शांत‍ि की बात करने वाली और महात्‍मा गांधी का हवाला देने वाली राजकुमारी के सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा,
'कौन हमारे देश के बारे कह रहा है? आप केवल अपने लोगों और देश का ध्‍यान रखिए। हम भारत में शांति के साथ रह रहे हैं। केवल कुछ घटनाओं को पूरे देश के हालात नहीं बताया जा सकता है।'

हालांकि कई ऐसे कमेंट भी थे जो राजकुमारी के समर्थन में कि‍ए गए थे। लेक‍िन ज‍िस तरह से सोशल मीड‍िया पर उनकी पोस्‍ट वायरल हुई और व‍ि‍वाद गहराने लगा तो उन्‍होंने सफाई दी।

बाद में एक दूसरा ट्वीट कर के प्रिंसेस हेंद अल कासिमी ने ट्वीट कर कहा,
'मैंने कभी गाय के पूजा की आलोचना नहीं की। मैंने एक तथ्‍य सामने रखने की कोशि‍श की। भारत में गाय देवता की तरह पूजी जाती है। हिंदू धर्म शांति का पाठ पढ़ाता है। लेकिन एक नया हिंसात्‍मक राजनीतिक समूह अल्‍पसंख्‍यकों को गाली दे रहा है। यह सब हिंदू धर्म, इस्‍लाम, यहूदी और ईसाई धर्म में गलत है।'

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