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चेन्नई के कप्तान रुतुराज और टीम पर भड़के रविचंद्रन अश्विन (Video)

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Chennai Super Kings
भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना ​​है कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल मैच में फॉर्म में वापसी करने का एक शानदार मौका गंवा दिया।

सनराइजर्स ने शनिवार को खेले गए मैच में सीएसके को 10 रन से हराया। सनराइजर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 194 रन बनाए जिसके जवाब में सीएसके आठ विकेट पर 184 रन ही बना पाया।अश्विन ने कहा कि गायकवाड दबाव में नजर आ रहे हैं।

उन्होंने जिओस्टार से कहा, ‘‘उनके लिए रन बनाने का यह सबसे अच्छा मौका था। आयुष म्हात्रे की अच्छी शुरुआत को देखते हुए उन्हें जोखिम लेने या तेज गति से रन बनाने की जरूरत नहीं थी। पावरप्ले में उनकी टीम पूरी तरह हावी थे। रुतुराज के पास क्रीज पर कुछ समय बिताने , कुछ रन बनाने और फॉर्म में वापसी करने का सुनहरा अवसर था।’’अश्विन ने कहा, ‘‘आयुष म्हात्रे का विकेट गिरने के बाद, रुतुराज को एक बहुत अच्छी गेंद मिली, वह पुल शॉट अच्छी तरह से खेलता है लेकिन मुझे लगता है कि वह बहुत दबाव में है और उसका दिमाग थोड़ा उलझन में है।’’

रुतुराज ने आईपीएल के वर्तमान सत्र में अपने पहले छह मैचों में केवल 82 रन बनाए हैं। उनका औसत मात्र 13.67 और स्ट्राइक रेट 112.33 है।
आर अश्विन ने सुझाव दिया है कि अय्यर को भारत की टी20 टीम में होना चाहिए, चाहे यह स्पष्ट ना हो कि वह किसकी जगह लेंगे। अश्विन ने कहा, “मैं सिर्फ़ बनाए गए रनों या छक्कों-चौकों को नहीं देख रहा हूं, बल्कि मैदान पर उनकी मौज़ूदगी का प्रभाव देख रहा हूं। जब श्रेयस अय्यर गार्ड मार्क करते हैं, तो लगता है कि वह एक ऐसे ज़ोन में हैं, जो किसी क्रिकेटर के करियर में सिर्फ़ एक या दो ही साल के लिए आता है और तब ऐसा लगता है कि आप कोई ग़लती नहीं कर रहे। “और यह इसलिए होता है क्योंकि आप ज़ोन में होते हैं। सब कुछ सही चल रहा होता है, मसलन कि आप क्या खा रहे हैं, कब सो रहे हैं, कैसे अभ्यास कर रहे हैं। नेट्स में जो गेंद खेलते हैं, वही मैच में भी आपको मिलती है।” अय्यर ने अपनी पिछली तीन पारियों में 50, नाबाद 69 और 66 बनाए हैं और इस समय आईपीएल 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 187.96 है।

अश्विन ने कहा, “क्रीज़ पर उनकी मौज़ूदगी ही गेंदबाजों के लिए कई तरह से डर पैदा कर रही है। ख़ुद को बेहतर बनाने की उनकी भूख शानदार है। मैंने काफ़ी समय तक क्रिकेट खेला है और कई खिलाड़ियों से मिला हूं। बहुत कम खिलाड़ियों में यह इच्छा होती है कि वे अपनी ताक़त छोड़कर अपनी कमज़ोरियों पर काम करें। आपने कई करियर देखे होंगे, जहां खिलाड़ियों ने अपनी कमज़ोरियों पर बिल्कुल भी काम नहीं किया है। “लेकिन अपने कमज़ोरियों पर काम करने का सफ़र ही अच्छे से महान बनने का होता है। मुझे लगता है कि श्रेयस ने अच्छे से महान बनने की यात्रा शुरू कर दी है। मैं यह नहीं कह रहा कि वह महान हैं, बल्कि यह एक यात्रा है। कहा जाता था कि वह शॉर्ट बॉल नहीं खेल सकते। उन्होंने कहा, ”ठीक है, मैं टेस्ट मैच में पुल खेलकर आउट हो जाऊंगा, लेकिन चुनौती से पीछे नहीं हटूंगा।” 

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