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OpenAI ने लॉन्च किया Prism, अब विज्ञान की दुनिया में भी क्रांति लाएगा AI, जानिए Free में कैसे बनेगा आपका हेल्पर

वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए मुफ्त एआई वर्कस्पेस

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

सैन फ्रांसिस्को , बुधवार, 28 जनवरी 2026 (16:43 IST)
OpenAI ने आज अपना नया एप्लीकेशन प्रिज्म  (Prism) लॉन्च कर दिया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह ऐप विज्ञान के क्षेत्र में वही बदलाव लाएगा, जो Claude Code और Codex जैसे टूल्स ने प्रोग्रामिंग की दुनिया में लाए हैं।  यह प्लेटफॉर्म उन अलग-अलग टूल्स की जगह लेने का प्रयास करता है, जिनका वैज्ञानिक आमतौर पर इस्तेमाल करते हैं, जैसे टेक्स्ट एडिटर, PDF रीडर, रेफरेंस मैनेजर और चैटबॉट।

Prism वर्तमान में ChatGPT पर्सनल अकाउंट वाले सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इसमें अनलिमिटेड प्रोजेक्ट्स और सहयोगियों के साथ काम करने की सुविधा है।  जल्द ही इसे ChatGPT Business, Team, 'Enterprise और 'Education प्लान्स के लिए भी रोलआउट किया जाएगा।  अब Crixet अलग से उपलब्ध नहीं होगा, इसे पूरी तरह Prism में समाहित कर दिया गया है।  
 
Prism किसी भी पर्सनल ChatGPT अकाउंट वाले यूजर के लिए पूरी तरह मुफ्त है। इसमें अनलिमिटेड प्रोजेक्ट्स और सहयोगियों के साथ काम करने की सुविधा दी गई है। हालांकि बिजनेस, यूनिवर्सिटी और एंटरप्राइज यूजर्स के लिए इसके अलग वर्जन बाद में लॉन्च किए जाएंगे।

LaTeX की जटिलताओं को करेगा खत्म

Prism का आधार Crixet है, जो एक क्लाउड-आधारित LaTeX प्लेटफॉर्म है। OpenAI ने आज ही इसके अधिग्रहण की घोषणा भी की है। दरअसल, LaTeX एक टाइपसेटिंग सिस्टम है जिसका उपयोग वैज्ञानिक दस्तावेजों और जर्नल को फॉर्मेट करने के लिए किया जाता है। हालांकि यह वैज्ञानिक समुदाय की पहली पसंद है, लेकिन इस पर TikZ कमांड के जरिए डायग्राम बनाना काफी समय लेने वाला काम होता है।

GPT-5.2 के साथ  सुपरपावर  

जहां  Crixet में पहले 'Chirp' एजेंट का उपयोग होता था, वहीं अब Prism में GPT-5.2 Thinking मॉडल दिया गया है। एक प्रेस डेमो के दौरान, OpenAI के कर्मचारी ने दिखाया कि यह मॉडल न केवल जर्नल फॉर्मेटिंग में मदद करता है, बल्कि प्रासंगिक वैज्ञानिक साहित्य (Scientific Literature) को खोजने और उनकी बिब्लियोग्राफी (संदर्भ सूची) तैयार करने की प्रक्रिया को भी ऑटोमैटिक बना देता है।
 
OpenAI के 'वाइस प्रेसिडेंट ऑफ साइंस' केविन वेइल ने फर्जी साइटेशन (fake citations) की संभावना पर कहा कि यह तकनीक वैज्ञानिकों को उनके संदर्भों (references) की सत्यता जांचने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करती, लेकिन यह काम की गति को निश्चित रूप से कई गुना बढ़ा सकती है।
 
वैज्ञानिक समुदाय में AI की बढ़ती भूमिका पर वेइल ने स्पष्ट किया कि कंपनी गुणवत्ता और भरोसे को लेकर सजग है। उन्होंने कहा कि AI को वैज्ञानिक कार्यों से दूर रखने के बजाय इसे सीधे वर्कफ्लो में शामिल करना सही कदम है ताकि शोधकर्ताओं का नियंत्रण बना रहे और जवाबदेही तय हो सके।

शिक्षा के क्षेत्र में भी मददगार

डेमो के दौरान Prism का उपयोग General Relativity जैसे कठिन विषय के लिए लेसन प्लान और छात्रों के लिए प्रॉब्लम सेट तैयार करने में भी किया गया। OpenAI का लक्ष्य वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों के उबाऊ और समय लेने वाले कार्यों को कम करना है। Edited by : Sudhir Sharma

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