Festival Posters

'लाइव फेस फोटो' से मिलेगी नई मोबाइल सिम, जानिए क्या है यह व्यवस्था

Webdunia
रविवार, 19 अगस्त 2018 (09:53 IST)
नई दिल्ली। दूरसंचार सेवा कंपनियों को मोबाइल सिम लेने वाले ग्राहकों के लिए अब 15 सितंबर से एक नए तरीके का इस्तेमाल करना पड़ेगा। मोबाइल ग्राहक अगर आधार के जरिए नई सिम लेते हैं तो फिर उन्हें अपने चेहरे का मिलान भी करवाना होगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है। यह सुविधा दूरसंचार कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है। 
 
यूआईडीएआई ने इससे पहले चेहरा पहचानने का फीचर 1 जुलाई से लागू करने की योजना बनाई थी। इसे बाद में बढ़ाकर 1 अगस्त कर दिया गया था। इसके तहत मोबाइल सिम कार्ड के लिए आवेदन के साथ लगाए गए फोटो को संबंधित व्यक्ति के आमने-सामने लिए गए फोटो से की जाएगी। 
 
यूआईडीएआई अगले महीने के मध्य से इस तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली दूरसंचार कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव किया है। यूआईडीएआई ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के अलावा अन्य सत्यापन एजेंसियां के लिए चेहरा पहचानने की सुविधा के क्रियान्वयन के बारे में निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे। हालांकि प्राधिकरण ने इसके लिए कोई समय-सीमा नहीं दी है। 
 
यूआईडीएआई ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और ईकेवाईसी के दौरान निकाली गई तस्वीर का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूआईडीएआई ने कहा कि यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है। इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की ऑडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।
 
यूआईडीएआई के एक परिपत्र के अनुसार 15 सितंबर से दूरसंचार सेवा कंपनियों को महीने में कम से कम 10 प्रतिशत सत्यापन चेहरे का लाइव (सीधे) फोटो से मिलान करना अनिवार्य होगा। इस प्रकार का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तथा प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जाएगा।
 
इसी वर्ष जून में हैदराबाद के एक मोबाइल सिम कार्ड वितरक ने आधार ब्योरे में गड़बड़ी कर हजारों की संख्या में सिम एक्विटवेट किए थे। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि 'लाइव फेस फोटो को ईकेवाईसी फोटो से मिलाने का निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों जरूरी होगा जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार यदि सिम आधार के अलावा किसी अन्य तरीके से जारी किया जाता है, तो ये निर्देश लागू नहीं होंगे। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

टैरिफ की आड़ में Donald Trump की 'बिजनेस डील', दूसरे कार्यकाल में कैसे कमाए 12,800 करोड़ रुपए, Pakistan में भी लगाया पैसा

एक क्लिक और आपका बैंक खाता खाली, कहीं आपको तो नहीं आया Parivahan विभाग के नाम पर मैसेज, घबराएं नहीं

What is Board of Peace : डोनाल्ड ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस क्या है, पाकिस्तान भी बना मेंबर, PM मोदी और पुतिन समेत 60 देशों को न्योता, किसने स्वीकारा और किसने ठुकराया?

Digital Arrest से बचाएगा UPI 'किल स्विच', अब एक बटन दबाते ही फ्रीज होगा बैंक खाता, सरकार की बड़ी तैयारी

शंकराचार्य विवाद के बीच गरजे CM योगी, किसे बताया कालनेमि, कौन था यह मायावी राक्षस?

सभी देखें

नवीनतम

भोजशाला में बसंत पंचमी और जुमे की नमाज के लिए पृथक व्यवस्था, कलेक्टर ने बताया कितनी तगड़ी है सुरक्षा व्यवस्था

तेलंगाना में शर्मनाक हरकत, जहर देकर 15 बंदरों की हत्या, 80 की हालत गंभीर

india census 2027 : जनगणना 2027 में पहले चरण में आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा, MHA ने जारी की सवालों की सूची

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले नोटिस-नोटिस न खेलें, बयानवीर न बनें, मेरे साथ अपराध हुआ है

कर्नाटक में Social Audit में मनरेगा में सामने आई बड़ी गड़बड़ियां

अगला लेख