केंद्र सरकार ने मंगलवार को डीपफेक सहित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार और बनावटी कंटेंट के मैनेजमेंट को लेकर ऑनलाइन मंचों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। इसके तहत एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों को किसी सक्षम अधिकारी या अदालतों द्वारा निर्देशित की गई ऐसी किसी भी सामग्री को 3 घंटे के अंदर हटाना होगा। सरकार ने एआई जनरेटेड डीपफेक सामग्री को लेकर आईटी नियमों को सख्त कर दिया है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अब अदालती आदेश पर 3 घंटे के भीतर आपत्तिजनक कंटेंट हटाना होगा।
इन नए संशोधनों में एआई से बनाए गए कंटेंट की अनिवार्य लेबलिंग और यूजर्स की शिकायतों के त्वरित निवारण का भी प्रावधान किया गया है। नियमों के मुताबिक एआई सामग्री की अनिवार्य रूप से लेबलिंग जरूरी है। बनावटी सामग्री बनाने या साझा करने की सुविधा देने वाले मंच को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी सामग्री पर स्पष्ट रूप से और प्रमुखता से लेबल लगाया जाए। जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां इसे स्थायी मेटाडेटा या पहचानकर्ताओं के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि मध्यवर्ती (इंटरमीडियरीज) एक बार एआई लेबल या मेटाडेटा लगाए जाने के बाद उन्हें हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं दे सकते। आईटी नियमों के तहत गैरकानूनी कार्यों के निर्धारण के लिए एआई-जनित सामग्री को अन्य सूचनाओं के समान माना जाएगा। सोशल मीडिया मंच को सरकारी या अदालती आदेशों पर अब 36 घंटे के बजाय तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा यूजर्स की शिकायतों के निवारण की समय-सीमा भी कम कर दी गई है। Edited by: Sudhir Sharma