अनंतनाग में 2 आतंकी ढेर, श्रीनगर में मुठभेड़ और बांडीपोरा में सर्च ऑपरेशन जारी
बडगाम में आतंकी हमले में जख्मी हुए दोनों प्रवासी नागरिकों की हालत अब बेहतर
Publish Date: Sat, 02 Nov 2024 (12:45 IST)
Updated Date: Sat, 02 Nov 2024 (12:55 IST)
Jammu Kashmir news in hindi : अनंतनाग के शंगुस इलाके के हलकान गली में सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है जबकि श्रीनगर के खान्यार इलाके में तलाशी अभियान के दौरान एक आतंकी द्वारा गोलीबारी किए जाने के उपरांत आरंभ हुई मुठभेड़ समाचार भिजवाए जाने तक जारी थी।
बांडीपोरा में पनार इलाके में आतंकियों द्वारा 14 राष्ट्रीय रायफल्स के कैंप पर हमला किए जाने के उपरांत जंगलों में भाग गए आतंकियों की तलाश में अभियान जारी है। इस बीच शुक्रवार देर रात बडगाम के मागाम में आतंकी हमले में जख्मी हुए दोनों प्रवासी नागरिकों की हालत अब बेहतर बताई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मध्य कश्मीर के श्रीनगर जिले के खान्यार इलाके में आतंकियों से उस समय आज सुबह मुठभेड़ आरंभ हो गई जब तलाशी अभियान में जुटे सैनिकों पर आतंकियों ने गोलियां बरसानी आरंभ की। अधिकारियों का कहना था कि प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक ही आतंकी के शामिल होने की खबरहै जिसे जल्द ही मार गिराया जाएगा।
हालांकि बांडीपोरा के पनार गांव में 14 आरआर के कैंप पर गोलियां बरसा कर जंगलों की ओर भाग जाने वाले अज्ञात आतंकियों के प्रति फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी और न ही वे हाथ आए थे। हालांकि सुरक्षाबलों ने संयुक्त तौर पर इलाके में आतंकियों के खिलाफ तलाशी अभियान को तेज किया था।
इस बीच कल देर रात आतंकियों ने उत्तर प्रदेश के दो प्रवासी श्रमिकों को गोली मार कर जख्मी कर दिया था। उनकी पहचान सहारनपुर के उस्मान मलिक और सोफियान के तौर पर की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों घायलों की हालत अब बेहतर है।
फारूक अब्दुल्ला ने की जांच की मांग : नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के बाद मुठभेड़ों में वृद्धि की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कि मुझे संदेह है कि सरकार गठन से पहले गोलीबारी में वृद्धि क्यों नहीं हुई। यह पता लगाने के लिए स्वतंत्र जांच होनी चाहिए कि यह कौन कर रहा है? उन्होंने कहा कि खानयार क्षेत्र में फंसे आतंकवादियों को मारा नहीं जाना चाहिए, बल्कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ताकि पता लगाया जा सके कि क्या उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने का काम किसी एजेंसी को सौंपा गया है?
Edited by : Nrapendra Gupta