Hanuman Chalisa

कविता : पं. दीनदयाल उपाध्याय

Webdunia
कविता : डॉ. वेदमित्र शुक्ला 'मयंक'


 

सुन्दर-सुन्दर भाई
 
दीना ज्यों कक्षा में आए
सबने स्वागत किया जोर से,
शीश झुकाकर के उसने भी
किया नमस्ते हाथ जोड़ के।
 
दीना इस कक्षा में पहली
श्रेणी तो लेकर ही आए,
साथ में नेक कर्म से अपने
वो तो सबका आदर पाए।
 
कक्षा के असफल छात्रों को
वो अध्ययन करवाते थे,
जिनको पाठ पढ़ाने में सब
शिक्षक भी कतराते थे।
 
कठिन पाठ को सरल बनाकर
दीना ने खूब पढ़ाया था,
दीना ने खूब पढ़ाया था,
इसी कारण ही पास हुए सब
दीना सबको भाया था।
 
दीना के इस कार्य के लिए
सब ने दी बधाई फिर,
सब बच्चे इक सुर में बोले।
'सुन्दर-सुन्दर भाई!' फिर।
 
साभार- देवपुत्र 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा, रोज करें ये 3 असरदार प्राणायाम; तुरंत मिलेगा सुकून

शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए

सभी देखें

नवीनतम

राजकुमार चंदन का उपन्यास- विश्व शांति की अनुगूंज: समुद्र का न्याय

नौतपा की 'आग' उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!

अमेरिका और ईरान युद्ध दोबारा भड़का तो क्या होगा?

बच्चे की मौत से न टूटे किसी मां-बाप का सपना, यह यूपी सरकार का संकल्प

Savarkar Jayanti 2026: वीर सावरकर जयंती: काला पानी की यातनाएं झेलने वाले वीर क्रांतिकारी की गाथा