चलो मनाएं दिवाली हम, सीधे सादे ढंग से। बिजली की लपझप लड़ियों का, मोह इस बरस त्यागें। ढेर पटाखे ढेर बमों के, पीछे हम ना भागें। मने दिवाली मुस्कानों की, फुलझड़ियों के रंग से। भाई चारे की बाती से, हम दीपक उजयारें। अहंकार के रावण को इस, दिवाली...