The Cat And The Rat Poem पूछ रहे बिल्ली के बच्चे, डूबे गहन विचार में। चूहे क्यों न बिकते हैं मां, मेलों या बाज़ार में। हम तो घात लगाकर बिल के, बाहर बैठे रहते हैं। लेकिन चूहे धता बताकर, हमें छकाते रहते हैं। बीत कई...