Publish Date: Wed, 12 Mar 2025 (15:20 IST)
Updated Date: Wed, 12 Mar 2025 (15:23 IST)
short story: एक राजा था, हिरण्यकशिपु। वह बहुत घमंडी था और चाहता था कि सब लोग उसकी पूजा करें। लेकिन, उसका बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था।
हिरण्यकशिपु को यह पसंद नहीं था। उसने प्रह्लाद को मारने की कई कोशिशें कीं, लेकिन भगवान विष्णु ने हर बार प्रह्लाद को बचा लिया।
एक दिन, हिरण्यकशिपु ने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठने के लिए कहा।
होलिका को वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती। लेकिन, जब वे आग में बैठे, तो होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गया।
यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।