Publish Date: Wed, 27 May 2020 (10:12 IST)
Updated Date: Wed, 27 May 2020 (10:16 IST)
गुरुवार की प्रकृति क्षिप्र है। यह दिन ब्रह्मा और बृहस्पति का दिन माना गया है। हिन्दू धर्म में गुरुवार को रविवार से भी श्रेष्ठ और पवित्र दिन माना गया है। यह धर्म का दिन होता है। इस दिन मंदिर जाना जरूरी होता है। उथली व छिछली मानसिकता वाले व्यक्तियों को बृहस्पतिवार का उपवास अवश्य रखना चाहिए।
ये कार्य करें :
1. सफेद चंदन, हल्दी या गोरोचन का तिलक लगाएं।
2. हर तरह की बुरी लत को छोड़ने के लिए अति उत्तम दिन, क्योंकि इस दिन संकल्प की अधिकता रहती है।
3. गुरुवार को पापों का प्रायश्चित करने से पाप नष्ट हो जाते हैं, क्योंकि यह दिन देवी-देवताओं और उनके गुरु बृहस्पति का दिन होता है।
4. उत्तर, पूर्व, ईशान दिशा में यात्रा करना शुभ।
5. धार्मिक, मांगलिक, प्रशासनिक, शिक्षण और पुत्र के रचनात्मक कार्यों के लिए यह दिन शुभ है।
6. सोने और तांबे का क्रय-विक्रय कर सकते हैं।
7. इस दिन घर में धूप दीप देना चाहिए खासकर गुग्गुल की धूप देना चाहिए।
8. यदि आपका गुरु अशुभ या कमजोर है तो आप पीपल में जल चढ़ाएं।
9. गुरुवार के दिन पीली वस्तु का सेवन करें।
ये कार्य न करें :
1. इस दिन शेविंग न बनाएं और शरीर का कोई भी बाल न काटें अन्यथा संतान सुख में बाधा उत्पन्न होगी।
2. दक्षिण, पूर्व, नैऋत्य में यात्रा करना वर्जित है।
3. गुरुवार को नमक नहीं खाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और हर कार्य में बाधा आती है।
4. इस दिन दूध और केला खाना भी वर्जित माना गया है।
अनिरुद्ध जोशी
Publish Date: Wed, 27 May 2020 (10:12 IST)
Updated Date: Wed, 27 May 2020 (10:16 IST)