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कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं हैं 3 शनि, तुरंत करिये 11 उपाय

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अनिरुद्ध जोशी

लाल किताब के फ़रमान नम्बर 10 के मुताबिक कुंडली में जब दो ग्रह एक साथ बैठे हो तो उन्हें मनसुई ग्रह कहते हैं। इन मनसुई ग्रहों को बनावटी या नकली ग्रह भी कहते हैं। यह ऐसा ही है जैसे कि लाल और हरा मिलकर भूरा रंग बन जाता है। पीला और नीला रंग मिलकर हरा बन जाता है। इन बनावटी ग्रहों का उपयोग पक्के ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। यदि आपकी कुंडली में 2 या 3 शनि हैं तो जानिए उसका उपाय।
 
 
कुंडल में 3 शनि कैसे बनते हैं : 
1. सूर्य और बुध मिलकर नकली मंगल नेक का रूप ले लेता है अर्थात उच्च का मंगल बन जाते हैं और जिस तरह सूर्य और शनि मिलकर मंगल बद अर्थात नीच का मंगल बन जाते हैं अर्थात राहु बन जाते हैं। 
 
2. उसी तरह मंगल और बुध मिलकर शनि का रूप ले लेते हैं तथा शुक्र और गुरु मिलकर भी शनि बन जाते हैं, परंतु इनका स्वभाव केतु के समान होता है। मतलब यह कि कुंडल में एक तो वह शनि जो अकेला कहीं बैठा है दूसरा मंगल और बुध कहीं भी युति बना रहे हों या इकट्ठे बैठे हों और तीसरा शुक्र और गुरु कहीं भी युति बनाकर इकट्ठे बैठे हों। 
 
शनि का उपाय : 
1. यदि 2 या 3 शनि है तो आप झूठ बोलना, जुआ खेलना, ब्याज का धंधा करना और शराब पीना तुरंत ही छोड़ दें अन्यथा पछतावे के सिवाय जिंदगी में कुछ भी नहीं रहेगा।
 
2. 5 शनिवार को छायादान करें। 
 
3. भैरव महाराज को कच्चा दूध चढ़ाएं। 
 
4. शमी के पेड़ की सेवा करें। 
 
5. दांत, नाक और कान सदा साफ रखें।
 
6. कौवे को रोटी खिलाएं।
 
7. प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें। 
 
8. सफाईकर्मी को पैसा दान करें।
 
11. 10 अंधों को भोजन कराएं।
 
नोट : यदि शनि कुंडली के प्रथम भाव यानी लग्न में हो तो भिखारी को तांबा या तांबे का सिक्का कभी दान न करें अन्यथा पुत्र को कष्ट होगा। यदि शनि आयु भाव में स्थित हो तो धर्मशाला का निर्माण न कराएं। अष्टम भाव में हो तो तब तक मकान न बनाएं, न खरीदें जब तक की शनि के पक्के उपाय ना कर लें।

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