Publish Date: Wed, 07 Apr 2021 (11:16 IST)
Updated Date: Wed, 07 Apr 2021 (11:18 IST)
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की पहली नीतिगत समीक्षा के दौरान नितिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया। बैंक के इस कदम से लोगों की लोन पर ईएमआई कम होने की उम्मीदों पर झटका लगा है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि वृद्धि को समर्थन देने तथा मुद्रास्फीति को लक्षित स्पर पर बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक उदार मौद्रिक नीति को जारी रखेगा।
आरबीआई ने नीतिगत दरों पर लगातार पांचवीं बार यथास्थिति बरकरार रखा और रेपो दर चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हाल में कोविड-19 संक्रमण में बढ़ोतरी ने आर्थिक वृद्धि दर में सुधार को लेकर अनिश्चितता पैदा की है।
साथ ही उन्होंने वायरस के प्रकोप को रोकने और आर्थिक सुधारों पर घ्यान दिए जाने की आवश्यकाता पर बल दिया। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य को 10.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा।
दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक प्रणाली में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा, ताकि उत्पादक क्षेत्रों को ऋण आसानी से मिले। (भाषा)