Publish Date: Tue, 30 Apr 2024 (15:00 IST)
Updated Date: Tue, 30 Apr 2024 (15:06 IST)
Gold demand in 2024 : भारत की सोने की मांग कीमतों के ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद मजबूत आर्थिक माहौल के दम पर जनवरी-मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 136.6 टन हो गई। इस वर्ष जनवरी-मार्च में मूल्य के संदर्भ में भारत की सोने की मांग वार्षिक आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 75,470 करोड़ रुपये हो गई। इसका कारण मात्रा में वृद्धि के साथ-साथ तिमाही औसत कीमतों में 11 प्रतिशत की वृद्धि भी है।
विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) ने मंगलवार को अपनी वैश्विक रिपोर्ट गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स क्यू1 2024 जारी की। इसके अनुसार, भारत की कुल सोने की मांग, जिसमें आभूषण तथा निवेश दोनों शामिल हैं। इस साल जनवरी-मार्च में बढ़कर 136.6 टन हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 126.3 टन थी।
भारत में सोने की कुल मांग में से आभूषणों की मांग 4 प्रतिशत बढ़कर 95.5 टन हो गई। कुल निवेश मांग (बार, सिक्के आदि के रूप में) 19 प्रतिशत बढ़कर 41.1 टन हो गई।
डब्ल्यूजीसी के भारत में क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन जैन ने कहा कि सोने की मांग में वृद्धि भारतीयों के सोने के साथ स्थायी रिश्ते की पुष्टि करती है। उन्होंने कहा कि भारत का निरंतर मजबूत वृहद आर्थिक परिवेश सोने के आभूषणों की खपत के लिए सहायक रहा, हालांकि मार्च में कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गईं। इससे तिमाही समाप्त होने पर बिक्री कम हुई।
जैन को उम्मीद है कि इस वर्ष भारत में सोने की मांग 700-800 टन के आसपास रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर कीमतों में तेजी जारी रहती है तो मांग इस सीमा के निचले स्तर पर हो सकती है। 2023 में देश में सोने की मांग 747.5 टन थी।
मांग वृद्धि को बढ़ावा देने वाले कारकों के बारे में पूछे जाने पर जैन कहा कि ऐतिहासिक रूप से, भारत और चीन सहित दुनिया के पूर्वी बाजार में तब्दीली तब आती है जब कीमतें नीचे जा रही होती हैं और उतार-चढ़ाव होता है, जबकि पश्चिमी बाजार में तब्दीली तब आती है जब कीमतें ऊपर जा रही होती हैं।
उन्होंने कहा कि पहली बार हमने पूर्ण उलटफेर देखा है, जहां भारतीय और चीनी बाजारों में सोने की कीमतों में वृद्धि पर तब्दीली आई है। (भाषा)
Edited by : Nrapendra Gupta