Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 (12:57 IST)
Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 (13:06 IST)
आईपीएल 2026 के शुरू होते ही मैदान के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी माहौल गर्म हो गया है। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh), जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। हिंदी कमेंट्री को लेकर हो रही आलोचना के बीच हरभजन कुछ यूजर्स से भिड़ गए, जिसके बाद पूरा मामला वायरल हो गया।
दरअसल, एक यूजर ने Harbhajan Singh, Virender Sehwag और Aakash Chopra की कमेंट्री करते हुए तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें “जोकर” कह दिया। इस पर हरभजन ने तीखे लेकिन मजाकिया अंदाज़ में जवाब देते हुए लिखा, “इनमें से एक को पापा चुन ले।” उनका यह रिप्लाई देखते ही देखते वायरल हो गया और फैंस के बीच बहस छिड़ गई।
यही नहीं, एक अन्य यूजर द्वारा अभद्र भाषा इस्तेमाल करने पर हरभजन ने कहावत के जरिए पलटवार किया— “हाथी चले बाज़ार, कुत्ते भौंके हज़ार,” और साथ ही यूजर को वहां से जाने की नसीहत दे डाली। मामला तब और बढ़ गया जब एक ट्रोल ने Ravichandran Ashwin का नाम लेते हुए हरभजन पर तंज कसा और उनके करियर को लेकर टिप्पणी की। इस पर भी हरभजन ने सख्त लहजे में जवाब देते हुए ट्रोल को आड़े हाथों लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने ला दी हैं। एक तरफ कुछ लोग हरभजन के जवाब को ट्रोल्स के खिलाफ सही ठहरा रहे हैं और उनके ह्यूमर की तारीफ कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स का मानना है कि इस तरह के जवाब से ऑनलाइन नेगेटिविटी और बढ़ती है, खासकर जब जवाब किसी बड़े नाम की तरफ से आए।
गौरतलब है कि आईपीएल 2026 के पहले मैच में Royal Challengers Bengaluru (RCB) और Sunrisers Hyderabad (SRH) के बीच मुकाबले के दौरान हिंदी कमेंट्री को लेकर पहले भी सवाल उठे थे। Navjot Singh Sidhu, Virender Sehwag और हरभजन सिंह जैसे दिग्गजों की कमेंट्री को कुछ फैंस ने हल्का और कम जानकारीपूर्ण बताया।
दरअसल, लंबे समय से हिंदी और अंग्रेजी कमेंट्री के स्तर को लेकर तुलना होती रही है। कई दर्शकों का मानना है कि अंग्रेजी कमेंट्री में विश्लेषण (Analysis) ज्यादा गहराई वाला होता है, जबकि हिंदी कमेंट्री में अक्सर किस्सों और हल्की-फुल्की बातों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि हर सीजन में इस तरह की बहस सामने आती रहती है।
फिलहाल, हरभजन सिंह और ट्रोल्स के बीच यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि क्रिकेट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उतना ही भावनात्मक और तीखा हो चुका है।